भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर अचानक बीती रात मध्यप्रदेश के दतिया पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां पीतांबरा देवी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।गौरतलब है कि गौतम गंभीर की श्री पीतांबरा पीठ में गहरी आस्था है और वे इससे पहले भी कई बार दतिया आ चुके हैं। मां पीतांबरा पीठ को राजसत्ता और शत्रु नाश की देवी माना जाता है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रात: कालीन भस्म आरती में शामिल होकर भगवान श्री महाकालेश्वर का आशीर्वाद लिया।
भागवत ने कहा कि भारत के विश्वगुरु बनने का सपना निरंतर प्रयासों और सामूहिक अनुशासन के माध्यम से साकार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह का परिवर्तन वर्तमान पीढ़ी में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा- भारत के भविष्य पर संदेह न करें।
भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट पुनर्वसु नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग में आज सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इसी के साथ चारधाम यात्रा ने पूर्णता प्राप्त कर ली।चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।
भाजपा का स्थापना दिवस प्रदेशभर में बूथ स्तर पर मनाया गया। पार्टी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं के निवास पर पार्टी का झंडा फहराया गया। कार्यालयों की सजावट कर मिठाई बांटी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने प्रदेश कार्यालय में सुबह ध्वजारोहण किया।
चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। इस वर्ष माता का आगमन विशेष शुभ योगों में हो रहा है। जानें कलश स्थापना का सही समय, पूजा विधि और इस नवरात्रि का धार्मिक महत्व।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज यानी बुधवार को सुबह राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया दर्शन करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन धार में विवादित भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को प्रार्थना करने की अनुमति दी है। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
वसंत पंचमी पर विस्तार से जानें क्यों मनाई जाती है सरस्वती पूजा, क्या है पीले रंग का महत्व और इस महापर्व का सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक आधार। पढ़िए ऋतुराज वसंत पर यह विशेष लेख।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी और नमाज अदा कराने के दौरान टकराव के हालात न बने, इसके लिए तगड़े पुलिस बल का इंतजाम किए गए हैं। अफसरों ने दस साल पहले यानी 2016 में अपनाए गए फार्मूले पर भरोसा जताया है। तब दोनों समाज आमने-सामने नहीं हुए थे और भोजशाला खाली कराने की नौबत भी नहीं आई थी।






















