धर्म बदलने पर आरक्षण का लाभ लेने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति का सामाजिक पिछड़ापन हिंदू सामाजिक व्यवस्था से गैर-हिंदू सामाजिक व्यवस्था में स्थानांतरित नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि धर्म बदलने पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि पति या पत्नी द्वारा अपने अधिकारों के लिए कानूनी कार्यवाही दायर करना मानसिक क्रूरता के दायरे में नहीं आता, बशर्ते कि ऐसा कदम उठाने के पीछे उचित और वैध कारण मौजूद हों।
भारत चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में करोड़ों लोगों के वोटर लिस्ट से नाम कटने के आरोप लगे। इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत 20 राज्यों में जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं, उनसे संपर्क किया जाएगा।
गुजरात की अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट ने पारिवारिक विवाद और संपत्ति के अधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सास-ससुर की स्व-अर्जित संपत्ति को बहू के लिए साझा घर नहीं माना जा सकता।
1984 के सिख विरोधी दंगों की पीड़ित बुजुर्ग महिला को हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। न्यायमूर्ति संजीव कालगांवकर की एकलपीठ ने सीहोर जिला प्रशासन द्वारा सात लाख 23 हजार 800 रुपए की राहत राशि वापस लेने के आदेश और रिकवरी नोटिस को निरस्त कर दिया।
जिला जज न्यायालय का फैसला आने के बाद कलेक्ट्रेट में बनी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है। अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए शहर में जगह-जगह भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। हालांकि रात में यह अफवाह फैल गई थी। सोशल मीडिया पर सांसद और पार्षदों द्वारा बयानबाजी भी की जा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रेप के दोषी पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि उन्हें दो हफ्ते के अंदर ऐसा करना होगा। 63 साल के पूर्व पत्रकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और दावा किया है कि वे पीड़ित हैं। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस मामले में तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश में मृत्युदंड देने के लिए फांसी के बजाय किसी कम दर्दनाक विकल्प-जैसे जहरीला इंजेक्शन या गोली मारने को अपनाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस याचिका के खारिज होने से भविष्य में इस मुद्दे पर वैधानिक व वैज्ञानिक जांच का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होता।
देश की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव में गलत तरीकों और धांधली के आरोपी उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केसों को राज्य सरकारें अपनी मर्जी से वापस नहीं ले सकेंगी।
पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।





















