सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रेप के दोषी पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि उन्हें दो हफ्ते के अंदर ऐसा करना होगा। 63 साल के पूर्व पत्रकार ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और दावा किया है कि वे पीड़ित हैं। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस मामले में तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश में मृत्युदंड देने के लिए फांसी के बजाय किसी कम दर्दनाक विकल्प-जैसे जहरीला इंजेक्शन या गोली मारने को अपनाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस याचिका के खारिज होने से भविष्य में इस मुद्दे पर वैधानिक व वैज्ञानिक जांच का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होता।
देश की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता मजबूत करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव में गलत तरीकों और धांधली के आरोपी उम्मीदवारों पर दर्ज आपराधिक केसों को राज्य सरकारें अपनी मर्जी से वापस नहीं ले सकेंगी।
पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।
बहुचर्चित बेला गांव दोहरो हत्याकांड में सात साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा की अदालत ने दोनों आरोपियों रामसेवक कुशवाह और राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को हत्याकांड में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण केस में भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी कोर्ट बाइज्जत बरी कर दिया है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम के केस में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना दावों में मुआवजा तय करते समय केवल आधार कार्ड में दर्ज उम्र को ही आयु का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना से जुड़ी पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी की मौत के केस में दोषी पति की आजीवन कारावास की सजा घटाकर 10 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि दहेज निषेध अधिनियम, 1961 लागू होने के बावजूद दहेज प्रताड़ना और दहेज मृत्यु आज भी गंभीर सामाजिक अपराध बने हुए हैं।
बीमा कंपनियां शुरू में बड़े-बड़े और लुभावने आफर देकर ग्राहक बनाती हैं फिर अगर कोई हादसा हो जाए तो उपभोक्ता के परिजनों को क्लेम के लिए चक्कर लगवाती हैं। या फिर मुआवजा राशि देने से मुकर जाती हैं। इससे पीड़ित अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।






















