भारतीय चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा की। मई से दिसंबर 2026 तक 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सर्वे होगा।
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले मतदाता सूची में 7 लाख नए नाम जुड़े। कुल मतदाताओं की संख्या 6.82 करोड़ पार। जानिए क्यों चुनाव आयोग ने विस्तृत आंकड़ों को अभी गुप्त रखा है।
भारत चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट से करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं, जो कि इन राज्यों के कुल मतदाताओं का 10.2 प्रतिशत है।
पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने अनुमान लगाया है कि, पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 91 लाख हो गई है। हालांकि, ईसीआई ने अभी तक अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया है।
मध्यप्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 2026 का प्रकाशन हुआ। प्रदेश में कुल 5.39 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने राजनीतिक दलों को सौंपी सूची।
नागरिकता से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज पर विवाद को लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपने खिलाफ दाखिल रिवीजन पिटीशन पर लिखित जवाब पेश किया है। सोनिया गांधी की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे पर अदालत अब 21 फरवरी को अगली सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल वोटर लिस्ट रिवीजन पर बड़ा आदेश देते हुए चुनाव आयोग से 1.25 करोड़ संदिग्ध नामों की लिस्ट सार्वजनिक करने को कहा है। कोर्ट ने व्हाट्सएप से निर्देश भेजने पर भी आपत्ति जताई।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों के बाद कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक हो गई है। भोपाल में हुई मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में पार्टी ने 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों के फर्जी वोटर्स का डेटा जुटाने का फैसला किया है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने बीजेपी और चुनाव आयोग को एक ही बताते हुए इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की बात कही।




















