सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों पर अवैध खनन को लेकर चिंता जताई है। CJI सूर्यकांत की बेंच ने एक्सपर्ट कमेटी बनाने और राजस्थान सरकार से अवैध खनन रोकने की गारंटी ली है। जानें पूरी खबर।
सभी अपने मन से अलगाव और भेदभाव हटाएं। जो भी हिंदू हैं वो एक हैं। सभी मंदिर, जलस्त्रोत और श्मशान गृह सभी के लिए खुले रहें। किसी का मूल्यांकन उसकी जाति, संपत्ति या भाषा से न करें। सामाजिक समरसता हमारी मजबूती बने। हमें एक दूसरों के घर आना-जाना चाहिए। हमें संकटों पर चर्चा को विस्तार देने की बजाए उनके उपायों पर काम करना चाहिए।
अरावली पर्वतमाला को लेकर उठे विवाद पर आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेआई सूर्यकांत ने आदेश दिया है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई आगे की टिप्पणियां फिलहाल स्थगित रहेंगी। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा- अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज में क्या शामिल है, तो दुनिया भर के भूवैज्ञानिक, जो भूविज्ञान में काम करते हैं, रिचर्ड मर्फी द्वारा दी गई एक मानक परिभाषा को स्वीकार करते हैं कि 100 मीटर ऊंची पहाड़ी को पहाड़ माना जाता है।
















