सतना जिले में आयुष्मान भारत योजना की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। जिले के 52 प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्र अब तक इंपैनल्ड नहीं हो सके हैं, जिससे ग्रामीण मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा। आईडी न बनने, प्रशासनिक लापरवाही और भुगतान संकट के कारण योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
सतना और मैहर जिलों में आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हजारों बुजुर्ग अब भी मुफ्त इलाज से वंचित हैं। धीमी प्रगति, तकनीकी बाधाएं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण योजना का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मैहर कलेक्ट्रेट की समय-सीमा बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गलत और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर रानी बाटड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आयुष्मान के जिला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी ने मालदा में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबल 2.0 योजना के तहत 7227 श्रमिक हितग्राहियों के बैंक खातों में ₹160 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। जानें इस योजना के लाभ और नए बदलाव।
23 अक्टूबर 2025 को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। इस दिन भाई दूज (यम द्वितीया) का पावन पर्व मनाया जाएगा।
भोपाल के हमीदिया रोड स्थित स्मार्ट केयर हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानें, कैसे लापरवाही, गलत इंजेक्शन और आयुष्मान योजना में ठगी के आरोपों से घिर गया है अस्पताल प्रबंधन।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्य प्रदेश ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात 7 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए 'प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि' हड़पने और गरीबों के स्वास्थ्य अधिकारों से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप साबित हुआ है। जानें पूरी घटना और हटाए गए अधिकारियों के नाम।
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में अब आधुनिक 80-रो CT स्कैन और 1.5 टेस्ला MRI मशीनों के साथ अत्याधुनिक जांच की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित ये मशीनें आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत मरीजों को मुफ्त जांच प्रदान करेंगी, जिससे निजी केंद्रों पर निर्भरता कम होगी। यह पहल NMC नियमों के अनुरूप है, जो मरीजों और मेडिकल छात्रों दोनों के लिए फायदेमंद होगी।





















