समर्थन मूल्य पर खरीदे धान की कस्टम मिलिंग के बाद एफसीआई में चावल जमा कराने की प्रक्रिया पर मिल संचालकों ने अतिरिक्त स्टैकिंग भुगतान के आरोप लगाए। उन्होंने पारदर्शिता, नियमों की स्पष्टता और वित्तीय ऑडिट की मांग की।
एफसीआई में चावल जमा कराने के दौरान स्टैकिंग शुल्क के नाम पर मिलरों से वसूली, दोहरे भुगतान और ढाई करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों ने पारदर्शिता तथा जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।














