एम्स भोपाल में 37 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगदान ने पाँच लोगों को नया जीवन दिया। यह एम्स का तीसरा हार्ट ट्रांसप्लांट था। जानें कैसे ग्रीन कॉरिडोर और ओटी में पोस्टमार्टम से यह सफल प्रत्यारोपण संभव हुआ।
बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो इस बार सिर्फ सवारी नहीं, जिंदगी बचाने के भी काम आयी। शहर में पहली बार, एक बेहद जरूरी लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया गया। मामला हेपेटाइटिस से जूझ रहे एक मरीज का है, जिसे लिवर ट्रांसप्लांट की सख्त जरूरत थी।














