भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में कोर्ट ने पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. जानिए कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने क्या दलीलें दीं.

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सोमवार (18 मई) को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान दोनों ही पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जहां आरोपी पति के वकील ने ट्विशा की मानसिक स्थिति और दवाइयों पर सवाल उठाए, वहीं मृतका के परिवार के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया.
नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा एक जानी-मानी मॉडल और एक्ट्रेस थीं, जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में भी काम कर चुकी थीं. उनकी मुलाकात भोपाल के समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी. दोनों ने करीब 5 महीने पहले ही 12 दिसंबर 2025 को शादी की थी, जिसके बाद ट्विशा भोपाल शिफ्ट हो गई थीं. बता दें कि ट्विशा की सास एक रिटायर्ड जज हैं. शादी के महज कुछ महीनों बाद ही, 12 मई की रात को ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता हुआ मिला, जिसके बाद से ही इस मामले में हड़कंप मचा हुआ है.
अदालत में अग्रिम जमानत के लिए दलीलें पेश करते हुए समर्थ सिंह के वकील ने कहा कि यह दहेज प्रताड़ना का मामला नहीं है. वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि पैसे के लेन-देन का कोई सबूत नहीं है। ट्विशा खुद भी काफी पैसे खर्च करती थी. पुलिस को इस बात की जांच करनी चाहिए कि पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा था। जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन ट्विशा की मनोदशा बिल्कुल ठीक थी. वह उसी दिन पार्लर भी गई थी और उसने अमेजॉन से एक पार्सल भी मंगवाया था, जो अब तक खुला नहीं है। आरोपी के वकील ने धारा 94 के तहत आवेदन करने की बात कहते हुए अस्वाभाविक मृत्यु के कारणों पर सवाल उठाया और आशंका जताई कि क्या ट्विशा को कोई ब्लैकमेल कर रहा था?
दवाइयों और मानसिक स्थिति की जांच की मांग
वकील ने दावा किया कि ट्विशा कुछ दवाइयां ले रही थीं, जिसकी पुलिस को गहनता से जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था. अगर वह प्रताड़ित थी, तो बार-बार ससुराल वापस क्यों आ रही थी.
दूसरी तरफ, ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने अग्रिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने इसे एक बेहद गंभीर और 'एक्सेप्शनल केस' बताते हुए पीड़ित पक्ष के वकील ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस केस में पुलिस और वकीलों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है. वकील ने कोर्ट से कहा कि यह जांच का विषय है कि क्या ट्विशा के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल उसका पति समर्थ कर रहा था? वॉट्सएप चैट में सभी प्रताड़नाओं का स्पष्ट उल्लेख है. वकील ने कहा कि लड़की के घरवाले हमेशा यही कोशिश करते हैं कि घर बचा रहे और समाज की इसी परंपरा के कारण ट्विशा चुप रही. वह केवल मामूली एंजायटी की पिल्स लेती थी, जो आज के समय में किसी को भी हो सकती है.
पीड़ित पक्ष के वकील ने घटना के बाद के घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूछा, "जब ट्विशा का शव तीसरे फ्लोर पर था, तो उसे ग्राउंड फ्लोर पर लाकर सीपीआर (CPR) क्यों दिया गया? क्या ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया ताकि यह सब सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में आ सके? आपने तीसरे फ्लोर पर ही उसे बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?"
वकील ने आशंका जताई कि चूंकि घर अभी भी आरोपी पक्ष के नियंत्रण में है, इसलिए सबूतों के साथ छेड़खानी की पूरी संभावना है. उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष जो भी दलीलें दे रहा है, वह ट्रायल का हिस्सा हैं, इसलिए इस मोड़ पर अग्रिम जमानत बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए.
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