उज्जैन के बड़नगर में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को 1.31 करोड़ रुपये के नोटों से सजाया गया है। जानें इस अनूठी परंपरा और 2021 से अब तक के सफर के बारे में।
By: Ajay Tiwari
Feb 25, 20263:31 PM
बड़नगर (उज्जैन)। धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
आस्था और वैभव के अनूठे संगम के लिए प्रसिद्ध उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में एक अविश्वसनीय दृश्य देखने को मिल रहा है। भगवान शिव का श्रृंगार किसी पारंपरिक आभूषण या पुष्पों से नहीं, बल्कि 1 करोड़ 31 लाख रुपए के असली नोटों से किया गया है। मंदिर की दीवारों से लेकर गर्भगृह के झूमर तक, हर ओर भारतीय मुद्रा की लड़ियां और मुकुट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी संदीप पठोर ने बताया कि इस भव्य सजावट को मूर्त रूप देने के लिए सात विशेष कलाकारों की टीम ने लगातार तीन दिनों तक परिश्रम किया है। नोटों को इस तरह पिरोया गया है कि वे महादेव के मुकुट, माला और दिव्य लड़ियों के रूप में दिखाई दे रहे हैं। मंदिर के अंदर का विशाल झूमर भी पूरी तरह से नोटों से निर्मित है, जो इस सजावट को राजसी स्वरूप प्रदान करता है।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में नोटों से श्रृंगार करने की यह अनूठी परंपरा पिछले छह वर्षों से निरंतर भव्य होती जा रही है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो भक्ति का यह 'आर्थिक अर्पण' हर साल नया रिकॉर्ड बना रहा है:
| वर्ष | श्रृंगार की राशि (लगभग) |
| 2021 | ₹ 7 लाख1 |
| 2022 | ₹ 11 लाख |
| 2023 | ₹ 21 लाख |
| 2024 | ₹ 51 लाख |
| 2025 | ₹ 1.21 करोड़ |
| 2026 | ₹ 1.31 करोड़ |
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शुरू हुआ यह विशेष मेला 14 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक संचालित है। हालांकि, नोटों से किया गया यह विशेष श्रृंगार केवल गुरुवार, 26 फरवरी तक ही आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। इस अद्भुत नज़ारे को अपनी आंखों में कैद करने के लिए न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के जिलों से भी भारी संख्या में भक्त बड़नगर पहुँच रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से भी मंदिर प्रशासन और पुलिस ने कड़े प्रबंध किए हैं।