सतना जिले के शासकीय व्यंकट वन एक्सीलेंस स्कूल के छात्र-छात्राओं को 5 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद छात्रावास की सुविधा मिलने वाली है। 2 करोड़ की लागत से बने सौ-सौ बिस्तरीय बालक व बालिका हॉस्टल अब संचालन के लिए तैयार हैं। डीपीआई से बजट मिलते ही छात्रावास शुरू हो जाएगा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के सबसे बड़े एक्सीलेंस स्कूल में दूर-दराज से आकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक राहत भरी खबर है। 5 साल के लंबे इंतजार के बाद अब शासकीय उतकृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्रमांक-1 के छात्र-छात्राओं को हॉस्टल की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन तैयारियों में जुटा है। बस अब केवल डीपीआई से बजट का इंतजार है। माना जा रहा है कि बजट मिलते ही अगले माह से छात्रावास का संचालन शुरू हो सकेगा। स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रावास की सुविधा के लिए आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग 5 साल पहले जिला पंचायत कार्यालय व व्यंकट स्कूल के पीछे बालक एवं बालिका छात्रावास 1-1 करोड़ से अधिक की लगात से तैयार किए गए थे।
जिम्मेदारों ने दिखाई अकर्मण्यता
बताया गया कि जिम्मेदारों की अकर्मण्यता के चलते पिछले कुछ सत्रों से जो सुविधा मिलनी चाहिए थी वो आज तक नहीं मिल पाई है। जानकारों के अनुसार छात्रावास को निर्माण एंजेसी ने हैंडओवर कर दिया था लेकिन पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ट्यूबवेल के इंतजाम करना ही भूल गई। तब के जिम्मेदारों ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बताया गया कि हाल ही में पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि व्यंकट वन स्कूल में लगभग 13 सौ छात्र अध्ययन करते है। हर साल यहां के बच्चे बोर्ड परीक्षा परिणाम में प्रदेश स्तर की मैरिट लिस्ट में जिले का नाम रोशन करते है।
दूर-दराज के छात्र परेशान
एक्सीलेंस स्कूल में दूर-दराज के कई विद्यार्थियों को बस व टैक्सी से आना-जाना पड़ता है। समय से वाहन नहीं मिलते हैं। ऐसे में पूरे दिन भर का समय ल ग जाता है। वहीं कई छात्रों को रिश्तेदारों के यहां या किराये के कमरों में रहकर पढ़ाई करना पड़ती है। इससे काफी खर्च करना पड़ता है व पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। छात्रों के अनुसार यदि वे बाजार में एक कमरा किराये पर लेते हैं तो उसके लिए 2 से 4 हजार किराया देना पड़ता। उसके बाद भी भोजन की समस्या बनी रहती है। छात्रों की इन समस्याओं के समाधान के लिए शासन ने छात्रावास स्वीकृत किए हैं। राष्टÑीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा फंड उपलब्ध करवा कर पीआईयू द्वारा छात्रावास तैयार करवाया गया है। जानकारों के अनुसार पहले धवारी चौराहे के पास व्यंकट-1 स्कूल का बालक छात्रावास संचालित हुआ करता था।
सौ-सौ बिस्तरीय हॉस्टल
बताया गया कि नए व्यंकट वन स्कूल के छात्रावास में बालक एवं बलिका दोनों के ठहरने की सुविधा होगी। सौ बिस्तरीय बालक एवं सौ बिस्तरीय बालिका छात्रावास बनाया गया है। छात्रावास में नि:शुल्क भोजन व ठहरने की व्यवस्था होगी। पिछले साल ही फर्नीचर, पलंग एवं अन्य सामग्री की खरीदी कर ली गई थी।
ये सही है कि व्यंकट वन स्कूल में पढ़ने वाले दूर-दराज के छात्रों की सुविधा के लिए सौ-सौ सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास काफी समय से बनकर तो तैयार है लेकिन इसकी सुविधा छात्रों को अभी तक नसीब नहीं हुई। नए शैक्षणिक सत्र में अभी विद्यार्थियों से आवेदन लिए गए हैं। डीपीआई से बजट मिलते ही इसे संचालित करवा दिया जाएगा।
कमलेश सिंह प्राचार्य, शा. व्यंकट वन एक्सीलेंस स्कूल


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