भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया।

रुपया डॉलर के मुकाबले 13 पैसे गिरकर 95.56 पर आया
विदेशी पूंजी की निकासी ने निवेशकों का नुकसान पहुंचाया
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया। सोमवार सुबह रुपया भी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे कमजोर होकर 95.56 पर आ गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में 226.60 अंक गिरकर 77,028.56 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 120.40 अंक लुढ़ककर 24,053.55 पर कारोबार करता दिखा।
एचडीएफसी के शेयर चढे
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंफोसिस, टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टाइटन प्रमुख पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। हालांकि, एचडीएफसी बैंक दो फीसदी से अधिक चढ़ा, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक और भारती एयरटेल भी बढ़ने वाले शेयरों में रहे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.33 फीसदी बढ़कर 90.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजारों में आज गिरावट
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6707 | -85 | -1.31% |
| निक्केई (जापान) | 65362 | -1044 | -1.57% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25416 | -168 | -0.69% |
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
इस सप्ताह कारोबार की शुरुआत कुछ चुनौतियों के साथ हुई। फेड प्रमुख केविन वॉर्श के बयान के बाद वैश्विक इक्विटी बाजार की धारणा थोड़ी नकारात्मक हो गई है। यदि मुद्रास्फीति फेड के दीर्घकालिक लक्ष्य से अधिक दरों पर बनी रहती है, तो हमें काम करना होगा। बाजार ने इसे 15-16 सितंबर को निर्धारित एफओएमसी बैठक में दर वृद्धि का संकेत माना है। बॉन्ड यील्ड में परिणामी वृद्धि इक्विटी बाजारों के लिए नकारात्मक है।
घरेलू निवेशकों ने 7 दिन में 16,817 करोड़ के शेयर खरीदे
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +5,184 | +16,817 | +53,679 |
| FII/FPI | -5,040 | -3,242 | +454 |
वैश्विक बाजारों पर दिख रहा असर
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए थे। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार सतर्क रुख के साथ कारोबार करने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव में नए सिरे से वृद्धि ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं फिर से जगाई हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और एशियाई बाजारों में व्यापक जोखिम-बंद माहौल पैदा हुआ।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 53560 | -9 | -0.02% |
| नैस्डैक | 26402 | -139 | -0.52% |
| S&P 500 | 7712 | -19 | -0.25% |
रुपया पर इस लिए पड़ रहा दबाव
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के दबाव में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे गिरकर 95.56 पर कारोबार कर रहा था। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि बाजार प्रतिभागियों ने सितंबर में फेड दर वृद्धि की संभावना बढ़ा दी है। इससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊपर धकेली गई और व्यापक डॉलर रैली को बढ़ावा मिला, जिससे निवेशकों की धारणा को और नुकसान पहुंचा। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.56 पर खुला, जो अपने पिछले बंद भाव से 13 पैसे की गिरावट थी।

भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया।
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आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबार करते दिखे। तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को बड़ा सहारा दिया। ईरान ने ओमान के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर बातचीत फिर से शुरू की है।
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले। अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई थी।
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