वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के दबाव में आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति रही। आईटी शेयरों में तेजी और रियल्टी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला नजर आ रहा है।
सेबी ने निवेशकों को गैर-सूचीबद्ध शेयरों की ट्रेडिंग करने वाले अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दूर रहने की चेतावनी दी है। जानें क्या हैं जोखिम और कैसे रखें अपना निवेश सुरक्षित।
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार धराशायी। जानें सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण और निवेशकों पर इसका असर।
भारतीय शेयर बाजार में बीते छह दिनों से जारी बिकवाली ने निवेशकों को 17 लाख करोड़ का चपत लगाई है। जानें ट्रंप की टैरिफ नीति और FII की बिकवाली ने कैसे बिगाड़ा बाजार का मूड।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को उठा-पटक का दौर जारी है। लाल निशान पर खुलने के बाद बाजार हरे निशान पर आ गया। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। जहां सेंसेक्स की ओनेपिंग 84022.09 पर हुई।
भारतीय शेयर मार्केट की चमक नए साल के दूसरे दिन भी बरकरार रही। इस दौरान भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में हल्की बढ़त देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही पॉजिटिव नोट पर कारोबार की शुरुआत की।
भारतीय बाजार सोमवार को बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ने लंबी छलांग लगाई। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी में भी उछाल देखी गई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे बढ़कर 89.45 पर पहुंच गया। दरअसल, भारतीय शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी सेशन सोमवार के कारोबारी दिन की शुरुआत पॉजिटिव रही।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 25 पैसे गिरकर ₹90.74 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। व्यापार अनिश्चितता और FIIs की बिकवाली से रुपये पर दबाव।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की मार्च 2026 तक होने की संभावना पर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 54 पैसे गिरकर 90.48 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। आयातकों की मजबूत मांग, मेक्सिको टैरिफ और FII बिकवाली ने रुपये पर दबाव डाला।
भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और लगातार विदेशी निधि निकासी के बीच जल्द ही शुरुआती बढ़त खोकर नकारात्मक दायरे में कारोबार करने लगे।






















