भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और लगातार विदेशी निधि निकासी के बीच जल्द ही शुरुआती बढ़त खोकर नकारात्मक दायरे में कारोबार करने लगे।

शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 89.99 पर आ गया।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और लगातार विदेशी निधि निकासी के बीच जल्द ही शुरुआती बढ़त खोकर नकारात्मक दायरे में कारोबार करने लगे। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला और 149.3 अंक या 0.17 प्रतिशत चढ़कर 84,540.57 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 45.05 अंक बढ़कर 25,803.05 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 89.99 पर आ गया। हालांकि, बिकवाली का दबाव बढ़ने के साथ ही दोनों प्रमुख सूचकांकों ने अपनी बढ़त खो दी, सेंसेक्स 222.39 अंक या 0.26 प्रतिशत गिरकर 84,168.88 पर और निफ्टी 50.90 अंक गिरकर 25,707.10 पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाइटन, पावरग्रिड, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी पिछड़ गईं। दूसरी ओर, इटरनल, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, अदानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
फेड के फैसलों से वॉल स्ट्रीट में तेजी
फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर की बैठक में फेडरल फंड दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 3.5-3.75 प्रतिशत की सीमा में लाने के बाद वॉल स्ट्रीट में रात भर के कारोबार में तेजी देखी गई। हालांकि, नीति निर्माताओं ने सितंबर से संघीय निधि दर के लिए अपने अनुमानों को अपरिवर्तित रखा है, जो 2026 में केवल 25 आधार अंकों की एक कटौती का संकेत देता है।
ब्रेंट क्रूड का भाव 62.23 डॉलर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 0.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 62.23 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस बीच, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,651.06 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिक्री की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,752.31 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
ग्लोबल बाजार मिला-जुला
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 0.58 फीसदी गिरकर 50,308 पर और कोरिया का कोस्पी 0.63 फीसदी गिरकर 4,109 पर कारोबार कर रहे हैं। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.12 ्रप्रतिशत बढ़कर 25,571 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.36 प्रतिशत गिरकर 3,886 पर कारोबार कर रहे हैं। अमेरिका का डाउ जोन्स 1.05 फीसदी बढ़कर 48,057 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डेक कंपोजिट 0.33 प्रतिशत और एसएंडपी 500 0.67 फीसदी चढ़कर बंद हुए।
टॉप गेनर्स और लूजर्स की सूची
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 में इस समय टॉप गेनर टाटा स्टील, इंफोसिस, आयशर मोटर्स, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर शामिल रहे। दूसरी ओर, निफ्टी 50 पैक में मुख्य रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में टाइटन, पावर ग्रिड कॉर्प, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, इंडिगो और भारती एयरटेल शामिल रहे। शुरुआती कारोबार में जिन स्टॉक्स में सबसे ज्यादा हलचल दिखी, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एमएंडएम, आईटीसी, इंफोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल थे, जो सुबह के ट्रेड में सबसे ज्यादा एक्टिव नजर आए।


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सावन और रक्षाबंधन के त्योहारों से ठीक पहले आम आदमी के लिए मिठास महंगी हो गई है। इंदौर के फुटकर बाजार में इतिहास में पहली बार शक्कर के दाम 50 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। देश में महंगाई दर मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में शक्कर की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से अधिक होती है।
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एशियाई बाजारों में हाहाकार और कच्चे तेल के 85 डॉलर के पार जाने के बावजूद आज भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। एशियाई बाजार के शुरुआती कारोबार में चिपमेकर कंपनियों के शेयर लगातार बेचे जाने से दबाव में रहे।
भारतीय शेयर बाजार आज भी हरे निशान पर खुला और वह भी तब जब एशियाई बाजारों में आज चौतरफा भारी बिकवाली का माहौल है। कच्चे तेल की भी कीमतें और बढ़ी हैं। एशियन मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार ने अपनी अद्भुत मजबूती का प्रदर्शन किया है।
आज अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित नरमी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। बैंक और वित्तीय शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांकों ने सकारात्मक रुझान दिखाया।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।