आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं।

रुपया 26 पैसे बढ़कर 94.96 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा
घरेलू अर्थव्यवस्था का लचीलापन कुछ बाहरी चुनौतियों को कम कर रहा
मुंबई। स्टार समाचार वेब
आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 121.48 अंक गिरकर 76,835.79 पर आ गया। प्50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 52.6 अंक गिरकर 24,027.80 पर पहुंच गया। घरेलू विकास में मजबूती, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो से संबंधित निवेश प्रवाह के चलते मंगलवार सुबह रुपया 26 पैसे बढ़कर 94.96 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजारों में आज गिरावट
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6777 | -61 | -0.60% |
| निक्केई (जापान) | 66050 | -262 | -0.39% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25299 | -268 | -1.11% |
भारत में पिछड़ने वाले शेयर
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, टाइटन, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, आईटीसी, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और इंफोसिस लाभ में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 0.76 फीसदी बढ़कर 91.22 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। एफआईआई ने 7,985.88 करोड़ मूल्य की इक्विटी बेची।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 53186 | -374 | -0.70% |
| नैस्डैक | 26371 | -32 | -0.12% |
| S&P 500 | 7686 | -26 | -0.33% |
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
बाजार में गिरावट के कई कारण हैं। नए सिरे से अमेरिका-ईरान तनाव एक प्रमुख वजह है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं। पोनमुडी आर, जो एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, ने यह जानकारी दी। उनकी फर्म आॅनलाइन कारोबार और वेल्थ-टेक क्षेत्र में काम करती है।
घरेलू अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन
घरेलू अर्थव्यवस्था का लचीलापन कुछ बाहरी चुनौतियों को कम कर रहा है। भारत का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी बढ़ा। यह आरबीआई के 7 फीसदी के अनुमान और बाजार की उम्मीदों से काफी अधिक था। भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में भी उम्मीद से अधिक 7.8 फीसदी बढ़ी। इसने ईरान में युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद लचीलापन दिखाया। यह घरेलू आर्थिक गति को प्रभावित कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
एशियाई बाजारों की स्थिति
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच नए तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रखने की बढ़ती उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं।
कभी न कभी लगभग हर किसी को किसी न किसी जरूरी काम से बैंक जाना ही पड़ता है। भले ही अधिकतर काम आनलाइन बैंकिंग या फोन बैंकिंग से हो जाते हैं, लेकिन कुछ कामों के लिए ब्रांच विजिट करना ही पड़ता है। आप यहां जान सकते हैं कि किस शहर में कब-कब बैंक बंद रहेंगे और कब-कब खुले रहेंगे।
आज यानी 1 सितंबर से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतन 11.50 रुपए महंगा हो गया है। वहीं, मुंबई में दूध 9 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का फायदा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैश्विक तनाव और अमेरिकी-ईरान युद्ध के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार में आज सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार पर दबाव पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को नुकसान पहुंचाया।
सेबी ने डिबॉक इंडस्ट्रीज और ट्रैफिकसोल पर लगाया प्रतिबंध और भारी जुर्माना। इसके अलावा जीएसटी परिषद की बैठक, विनिवेश के आंकड़े, विदेशी मुद्रा भंडार और बजट तैयारियों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की बड़ी खबरें पढ़ें।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से रूसी रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद भारत रूस को पेट्रोल का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गया है। जानें अगस्त में भारत से कितनी पेट्रोल सप्लाई हुई और इसके पीछे की पूरी रिपोर्ट।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के कारण एवरेस्ट और लालजी गोधू (Laljee Godhoo) की हींग की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा जांच में अन्य मसालों में भी गड़बड़ी पाई गई है।
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ खुला। पिछले दिन महीने के अंत की समाप्ति सत्र में तेज गिरावट के बाद निवेशकों में घबराहट थी। आज बाजार में सकारात्मक शुरुआत से निवेशकों को राहत मिली है।
रक्षाबंधन के मौके पर शेयर बाजार खुले रहेंगे या बंद? जानें NSE, BSE और MCX के ट्रेडिंग शेड्यूल के साथ साल 2026 की आगामी छुट्टियों की पूरी जानकारी।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह