मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर कलह की गूंज सुनाई दे रही है। 2020 में सरकार गिरने को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयानों पर भाजपा नेताओं ने तंज कसा है। दरअसल, दिग्विजय सिंह और कममलनाथ की बयानबाजी पर भाजपा सक्रिय हो गई है।

पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ।
मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस के भीतर कलह की गूंज सुनाई दे रही है। 2020 में सरकार गिरने को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयानों पर भाजपा नेताओं ने तंज कसा है। दरअसल, दिग्विजय सिंह और कममलनाथ की बयानबाजी पर भाजपा सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सोशल मीडिया पर सरकार गिरने के रखी बात पर तंज कसते हुए शायराना अंदाज में कहा-ऐ काफिले वालों, तुम इतना भी नहीं समझे थे,लूटा है तुम्हें रहजन ने, रहबर के इशारे पर। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बुढ़ापे में बच्चा रूपी सरकार मिली थी, लेकिन नेताओं ने उसे चूम-चूमकर ही मार डाला। पूर्व मंत्री ने कहा कि हम पहले से कहते आ रहे थे कि कमलनाथ नहीं, बल्कि दिग्विजय सिंह सरकार चला रहे थे और यही कारण था कि सरकार गिरी। उस समय खुद मंत्री उमंग सिंघार ने भी यह बात कही थी, लेकिन कमलनाथ की आंखों पर दिग्विजय सिंह ने पट्टी बांध रखी थी। आज कमलनाथ को सच्चाई याद आ रही है। मिश्रा ने कहा कि अब जब कमलनाथ सच की राह पर चल ही पड़े हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि डेढ़ साल की सरकार में दिग्विजय सिंह ने उनसे कौन-कौन से भ्रष्टाचारी फैसले करवाए।
नरोत्तम ने चेतावनी दी कि अगर कमलनाथ यह खुलासा नहीं करते, तो जनता मान लेगी कि दोनों नेता केवल एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि असलियत यही है कि आप दोनों के बयानों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस की नाव जो डूबी, उसे कप्तान ने ही छेद कर डुबोया था।
इधर, भाजपा के हुजूर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कांग्रेस नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा-कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कल भी लड़ रहे थे और आज भी लड़ रहे हैं। अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत। शर्मा ने कहा कि तत्कालीन मंत्री उमंग सिंघार भी कह चुके थे कि सरकार दिग्विजय चला रहे थे और उद्योगपति कांग्रेस की कलह सुलझाते थे। जनता से वादे निभाने में नाकाम कांग्रेस के रवैए से ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को विरोध करना पड़ा और अंतत: उन्होंने भाजपा का दामन थामा।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने एक्स पर लिखा- कमलनाथ का यह स्वीकारोक्ति बयान साबित करता है कि कांग्रेस की सरकार वास्तव में मिस्टर बंटाधार चला रहे थे। उस दौर में माफिया और भ्रष्टाचार का शिकंजा था, अव्यवस्था का बोलबाला था। यही वजह रही कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनता के हित में भाजपा के साथ मिलकर स्थिर और विकासोन्मुख सरकार बनाई। आज कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और कलह चरम पर है और इसका सबसे बड़ा कारण फिर वही चेहरा है- दिग्विजय सिंह। उन्होंने लिखा-सत्ता में हो तो भी नकारा, विपक्ष में हो तो भी नकारा। जनता का विश्वास केवल भाजपा की सेवा, सुशासन और विकास की नीति पर है।


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