अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति प्रस्ताव के तहत हमास ने 7 इजराइली बंधकों को छोड़ दिया है। हमास ने इन्हें रेड क्रॉस के हवाले किया था। अब इन्हें इजराइली सेना को सौंप दिया गया है। रिहा हुए बंधकों के परिवार वालों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। हालांकि आज ही 13 और बंधकों को रिहा किया जाएगा।

ट्रम्प के शांति प्रस्ताव के तहत हमास ने 7 इजराइली बंधकों को छोड़ दिया है।
न्यूयार्क। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति प्रस्ताव के तहत हमास ने 7 इजराइली बंधकों को छोड़ दिया है। हमास ने इन्हें रेड क्रॉस के हवाले किया था। अब इन्हें इजराइली सेना को सौंप दिया गया है। रिहा हुए बंधकों के परिवार वालों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। हालांकि आज ही 13 और बंधकों को रिहा किया जाएगा। हमास ने रिहा होने वाले सभी बंधकों के नाम भी जारी कर दिए है। इनमें नेपाल के बंधक विपिन जोशी का नाम गायब है। बंधकों की रिहाई को लेकर इजराइल में जश्न भी शुरू हो गया है। दरअसल, इजरायल और हमास के बीच दो साल से चल रहे युद्ध के बाद दोनों पक्ष शांति समझौते पर सहमत हुए हैं। सोमवार को सबसे पहले हमास ने सात इजरायली सैनिकों को रिहा किया है। इस बीच हमास ने एलान किया है कि वह इजरायल के 20 बंदियों को पहले चरण में रिहा करेगा। हमास का दावा है कि ये सभी बंदी जिंदा हैं, इन्हें आज ही रिहा किया जाएगा। सभी 20 लोगों के नाम की सूची को भी हमास ने जारी कर दिया है। हालांकि, इस लिस्ट में नेपाल के रहने वाले विपिन जोशी का नाम शामिल नहीं है। वहीं, इजरायल के सैनिक तामिर का भी नाम इस सूची में नजर नहीं आया।
इजरायली सेना ने बताया कि रेडक्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति सोमवार को उत्तरी गाजा पट्टी में हमास द्वारा बंधक बनाए गए कई बंधकों को वापस लाने के लिए एक जगह की ओर बढ़ रही है। वहीं, इजरायल द्वारा रिहा किए जाने वाले 1,900 से अधिक फलस्तीनी कैदियों की भी सूची जारी की गई है।
सौंपे गए सात बंधकों में गली और जिव बर्मन, मतन अंगरेस्ट, एलन ओहेल, ओमरी मीरान, एतान मोर और गाय गिल्बोआ-दलाल शामिल हैं। हमास ने जो लिस्ट जारी की है, उसमें 20 लोगों के नाम हैं। हालांकि, अभी सात इजरायली बंधकों को रिहा किया गया है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका जंग के बीच रूस ने अपना रहस्यमयी 'Tu-214PU' कमांड विमान तेहरान भेजा है। जानिए क्या है यह 'डूम्सडे प्लेन' और क्यों माना जा रहा है इसे रूस का बड़ा रणनीतिक कदम।
मिडिल-ईस्ट के कई देश अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग की चपेट में आ गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया है कि इस हमले में इजरायल के पड़ोसी देश जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस के कमांड सेंटर और ड्रोन हैंगर्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आधी रात एक बार में आग लगने से 27 लोग जिंदा जल गए। जबकि 63 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग लगने की वजह बिजली के सिस्टम में खराबी बताया जा रहा है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास स्पीडबोट हादसे में बचे 16 भारतीय पर्यटक स्वदेश लौट रहे हैं। हादसे में 15 भारतीयों की जान गई थी। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।
अमेरिका और ईरान के बीच जंग एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिका ने इस हफ्ते तीसरी बार ईरान पर बड़े हमले किए हैं, जबकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक कई तटीय शहरों में धमाके हुए हैं।
वियतनाम के फु क्वोक में नाव पलटने से 15 भारतीयों की दुखद मृत्यु। हादसे में 21 लोग बचाए गए। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए। पूरी घटना और मृतकों की सूची यहाँ देखें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के आकलैंड में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शिरकत की और संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने कहा- भारत के लोग सुनते आए थे 20 साल के बाद लेकिन आज 40 साल के बाद कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड की धरती पर आया है।
करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक न्यूजीलैंड यात्रा। जानें व्यापार, रक्षा और रणनीतिक दृष्टि से यह दौरा क्यों है अत्यंत महत्वपूर्ण।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध काफी आक्रामक हो चुका है. ईरान के कई शहरों में हाल ही में धमाके हुए। तेहरान ने दावा किया कि उसके 8 जवानों की मौत हो गई। इस बीच एक अहम जानकारी सामने आई है। इजरायल ने अमेरिका को इनपुट दिया है कि ईरान ने उनकी हत्या का प्लान बनाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद आस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे। जहां उन्होंने आस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज उनका विक्टोरिया के गवर्नमेंट हाउस में स्वागत किया और फिर उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया।