कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।

बजाज फिनसर्व के शेयरों में एक फीसदी की गिरावट दर्ज
जापान का निक्केई हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा
एशियाई बाजारों में सबसे अच्छा प्रदर्शन दक्षिण कोरिया का
मुंबई। स्टार समाचार वेब
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल। निवेशक आज जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक गतिरोध को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में कमी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में अस्थिर राजनीतिक उठापटक के बीच कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रहे हैं। बाजार का ध्यान अब अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़ों पर केंद्रित हो गया है। ये आंकड़े बुधवार को ही जारी होने वाले हैं। महंगाई के इन आंकड़ों से वैश्विक ब्याज दर की उम्मीदों पर नए संकेत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, ये आंकड़े व्यापक बाजार धारणा को भी प्रभावित करेंगे।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार रहा
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6618 | +272 | +4.33% |
| निक्केई (जापान) | 67040 | +70 | +0.10% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25346 | -306 | -1.17% |
अमेरिका के आंकड़ों पर नजर
सुबह सेंसेक्स 70.98 अंक या 0.09 फीसदी गिरकर 78,083.27 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी 55.41 अंक या 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 24,416.30 पर था। भारतीय बाजार में हिंडाल्को के शेयरों में दो फीसदी की वृद्धि देखी गई। वहीं, बजाज फिनसर्व के शेयरों में एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 53792 | -184 | -0.34% |
| नैस्डैक | 26445 | -160 | -0.60% |
| S&P 500 | 7728 | -25 | -0.32% |
कच्चे तेल की कीमतें चिंता का विषय
पश्चिम एशिया में जारी अस्थिर राजनीतिक उठापटक के कारण कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यह 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। तेल की ऊंची कीमतें कंपनियों की लागत बढ़ाती हैं। यह उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को भी कम करती हैं।
अमेरिकी सीपीआई डेटा का सबसे महत्व
अमेरिकी सीपीआई के आंकड़े वैश्विक बाजारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह आंकड़े आज जारी होने वाले हैं। इनसे पता चलेगा कि अमेरिका में महंगाई की स्थिति क्या है। आंकड़ों के आधार पर केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर निर्णय ले सकते हैं। ब्याज दरों में बदलाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ता है। इसलिए निवेशक इन आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
वैश्विक बाजारों का हाल
टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:38 बजे एसएंडपी 500 वायदा लगभग अपरिवर्तित रहा। जापान का निक्केई 225 वायदा 0.3 फीसदी गिर गया। जापान का टॉपिक्स सूचकांक 0.4 फीसदी बढ़ा। आस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 सूचकांक 0.5 फीसदी नीचे आया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.8 फीसदी गिर गया। शंघाई कंपोजिट लगभग अपरिवर्तित रहा।


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।