आज भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक चुनौतियों के बात भी मजबूत बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 200 अंक से अधिक चढ़ा, निफ्टी 23,450 के ऊपर रहा और आईटी सूचकांक में 3 फीसदी से अधिक की तेजी आई। दरअसल, वैश्विक स्तर पर बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल और कच्चे तेल के दामों ने निवेशकों को चिंतित किया।
भारतीय शेयर बाजार आज कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 533 अंक या 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,044 और निफ्टी 135 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,498 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम आईटी और सर्विसेज सेक्टर ने किया।
भारतीय शेयर बार में आज गिरावट का रुख रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 50 अंक से अधिक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी भी 24,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। यह गिरावट वॉल स्ट्रीट में रात भर के नुकसान और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई।
पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट्स पर वॉर्निंग लेबल लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और FSSAI को अंतिम चेतावनी दी है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ने लगा है। केंद्र ने राज्य को 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की अनुमति दी है और समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी है। लेकिन इस बीच खुलासा हुआ है कि पिछले साल खरीदी गई साढ़े तीन लाख टन मूंग अब भी गोदामों में पड़ी है, जिसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत हल्के दबाव के साथ हुई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिला। हालांकि, पीएसयू बैंक शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
मध्यप्रदेश की राजधानी में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। जाल में फंसाकर छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया जा रहा है। भोपाल के कोहेफिजा क्षेत्र में एक 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया है। मामले में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली की बात भी सामने आई है।
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC और BCCI पर निशाना साधते हुए कहा है कि सुरक्षा कारणों से मैच शिफ्ट न होने पर वे कोई भी अनुचित फैसला स्वीकार नहीं करेंगे।





















