मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आईएएस अफसरों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ये सभी अफसर संभागीय स्तर पर विकास कार्यों और योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे। हालांकि, पहले भी संभागीय स्तर पर अफसरों को तैनात किया गया था। मगर, कई अफसर रिटायर हो गए।

आईएएस रश्मि अरुण शमी ।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आईएएस अफसरों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ये सभी अफसर संभागीय स्तर पर विकास कार्यों और योजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे। हालांकि, पहले भी संभागीय स्तर पर अफसरों को तैनात किया गया था। मगर, कई अफसर रिटायर हो गए। सभी तरह की योजनाओं और मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कामों की मॉनिटरिग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दरअसल, राज्य शासन ने संभाग स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा, योजनाओं के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों की जिम्मेदारी तय की है। इसके लिए नए सिरे से अपर मुख्य सचिवों को संभागों का आवंटन किया गया है। इसमें खास बात यह है कि आईएएस रश्मि अरुण शमी को रीवा और आईएएस शिवशेखर शुक्ला को शहडोल संभाग की कमान सौंपी गई है।

कई नए अफसरों को जिम्मा
जहां राज्य सरकार की सभी तरह की योजनाओं और मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले कामों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी इन अफसरों की रहेगी। इस तरह की संभागीय मॉनिटरिंग की व्यवस्था सरकार ने पहले से लागू कर रखी है। इस नए आदेश में कई नए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मोहन सरकार बनने के बाद संभाग स्तर पर समीक्षा के लिए सवा साल पहले संभाग स्तर पर अफसरों की तैनाती की गई थी। इसमें से कई अपर मुख्य सचिव पूर्व में रिटायर हो चुके हैं और जेएन कंसोटिया इसी माह रिटायर होने वाले हैं। इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सीएमओ की अनुमति के बाद संभागों का आवंटन पीएस और एसीएस स्तर के अफसरों को नए सिरे से किया गया है।
दस संभागों में से आठ संभागों में अपर मुख्य सचिव और दो संभागों में प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। मुख्यमंत्री के पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और वर्तमान अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को भी संभागीय व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजौरा के पास पहले से उज्जैन संभाग का जिम्मा था और अभी भी वे वहां का काम देखेंगे।
संभाग स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कराना। जिलों में अगर कोई विषय राज्य स्तर के विभिन्न विभागों के समन्वय से संबंधित है तो उस संबंध में विभागों से समन्वय कराकर निराकरण कराना और इसे मुख्य सचिव के संज्ञान में लाना। दो माह में कम से कम एक बार संभाग के जिलों का भ्रमण करना और हर माह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभागीय विकास कार्यों की समीक्षा करना।
मुख्यमंत्री द्वारा संभाग के अंतर्गत जिलों के संबंध में समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन कराना। जिलों में चिह्नित प्रमुख योजनाओं, परियोजनाओं और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और सुपरविजन करना। मुख्यमंत्री द्वारा संभाग स्तर पर ली जाने वाली बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना।
आईएएस संभाग
डॉ. राजेश राजौरा उज्जैन
अशोक बर्णवाल ग्वालियर
मनु श्रीवास्तव चम्बल
संजय दुबे जबलपुर
नीरज मंडलोई नर्मदापुरम
अनुपम राजन इंदौर
संजय कुमार शुक्ल भोपाल
रश्मि अरुण शमी रीवा
दीपाली रस्तोगी सागर
शिवशेखर शुक्ला शहडोल


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