एससीओ की बैठक में भारत, चीन और रूस के एक मंच पर आने के बाद बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। नए वैश्विक समीकरणों की उम्मीद के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स चढ़ता नजर आया। ऐसे ही निफ्टी में भी तेजी देखी गई। इसके अलावा शुरूआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 88.26 पर खुला।

एससीओ की बैठक में भारत, चीन और रूस के एक मंच पर आने के बाद बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
एससीओ की बैठक में भारत, चीन और रूस के एक मंच पर आने के बाद बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। नए वैश्विक समीकरणों की उम्मीद के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स चढ़ता नजर आया। ऐसे ही निफ्टी में भी तेजी देखी गई। इसके अलावा शुरूआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 88.26 पर खुला। दरअसल, शेयर बाजार में ट्रंप टैरिफ के चलते जारी गिरावट पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ब्रेक लगा नजर आया और सेंसेक्स-निफ्टी जोरदार तेजी के साथ ओपन हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां खुलने के साथ ही 350 अंक की छलांग लगाकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी अपने पिछले बंद की तुलना में 100 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस जैसे आई शेयरों में तूफानी तेजी आई।

बीते 27 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रूसी तेल और हथियारों की खरीद को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत का एक्सट्रा टैरिफ लागू हुआ था और कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया था। इसके बाद से ही शेयर मार्केट में भी लगातार इसका असर देखने को मिल रहा था और तीन कारोबारी दिनों में सेंसेक्स-निफ्टी खूब फिसले थे। हालांकि, नए महीने सितंबर और नए हफ्ते की शुरुआत के साथ ही सोमवार को बाजार में गिरावट और ट्रंप टैरिफ का खौफ दोनों खत्म नजर आया।
बाजार में कारोबार की शुरूआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,809.65 की तुलना में मामूली बढ़ोतरी के साथ 79,828.99 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 80,206 के लेवल पर कारोबार करता नजर आने लगा। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 24,432.70 पर खुलने के बाद तेज रफ्तार पकड़कर 24,546.65 के लेवल पर पहुंच गया।
सोमवार को सबसे तेज शुरूआत करने वाले टॉप-10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप में शामिल इंफोसिस शेयर करीब 2 फीसदी, तो टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट और टीसीएस के शेयर में 1.50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में ओलेक्ट्रा शेयर 7 प्रतिशत, सीजी पावर शेयर 3.80 प्रतिशत और डिक्सन शेयर 2.80 फीसदी चढ़कर ट्रेड कर रहा था। स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों की बात करें, तो यहां पर एपीटेक शेयर 7.92 प्रतिशत और यात्रा शेयर 6.60 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहा था।
एक ओर जहां तमाम शेयरों की शुरूआत बढ़त के साथ ग्रीन जोन में हुई, तो वहीं कुछ बड़ी कंपनियों के स्टॉक बाजार में तेजी के दौरान भी रेड जोन में कारोबार करते हुए नजर आए। इनमें लार्जकैप में हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति, रिलायंस, आईटीसी और सनफार्मा जैसे बड़े शेयर शामिल रहे। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप में जेएसएल, यूबीएल, गोदरेज इंडिया, भारती हेक्सा समेत कैमलिन फाइनेंस, मैराथोन और एसटीएल टेक का शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।