मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आगामी मानसून सत्र की घोषणा कर दी है. यह सत्र 28 जुलाई से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगा, कुल 12 दिनों में 10 बैठकें होंगी और दो दिन का अवकाश रहेगा.

मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आगामी मानसून सत्र की घोषणा कर दी है. यह सत्र 28 जुलाई से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगा, कुल 12 दिनों में 10 बैठकें होंगी और दो दिन का अवकाश रहेगा. इस सत्र में राज्य सरकार विधेयकों के साथ पहला अनुपूरक बजट भी पेश करेगी, जिसे सदन से मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बीच हाल ही में मानसून सत्र को लेकर अंतिम चर्चा हुई थी, जिसके बाद राज्यपाल से सत्र बुलाने की मंजूरी ली गई.
इस बार का मानसून सत्र खास होने वाला है, क्योंकि विधानसभा की कार्यवाही को पिछले साल ई-विधान से जोड़ने का फैसला किया गया था. इसी क्रम में, 28 जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में विधायकों को टैबलेट दिए जा सकते हैं. इन टैबलेट्स में सदन की सभी जानकारी, जैसे प्रश्नोत्तरी, प्रदेश सरकार का बजट, विभागीय प्रतिवेदन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध होगी. यह कदम विधायकों को आधुनिक तकनीकी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. एनआईसी (NIC) ने इस संबंध में पिछले महीने विधानसभा अध्यक्ष के सामने एक प्रेजेंटेशन भी दिया था.
पिछले साल विधानसभा का मानसून सत्र 1 जुलाई से 19 जुलाई तक चला था, जिसमें कुल 14 बैठकें निर्धारित थीं, हालांकि सत्र समय से पहले समाप्त हो गया था. लोकसभा चुनाव के कारण मार्च 2024 में सरकार पूर्ण बजट पेश नहीं कर पाई थी. ऐसे में पिछले साल के मानसून सत्र के दौरान 3 जुलाई को मोहन सरकार का पूर्ण बजट पेश किया गया था. इससे पहले फरवरी में सरकार ने लेखानुदान पारित कर चार महीने के बजट का इंतजाम किया था.

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