संघ प्रमुख ने हिंदू शब्द की व्याख्या करते हुए कहा- हिंदू कोई जाति नहीं, यह एक विशेषण है। जब भी हमारी एकता खंडित हुई, राष्ट्र पर संकट आया। पूजा पद्धति और देवी-देवता भिन्न हो सकते हैं, परंतु इस विविधता में एकता का भाव ही हमारी संस्कृति का आधारभूत तत्व है।

मेरठ में खिलाड़ी संवाद गोष्ठी में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का पूरा जोर हिंदू समाज की एकता और संघ को पूरी तरह से जानने पर रहा।
मेरठ। स्टार समाचार वेब
उत्तरप्रदेश के मेरठ में खिलाड़ी संवाद गोष्ठी में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का पूरा जोर हिंदू समाज की एकता और संघ को पूरी तरह से जानने पर रहा। उन्होंने साफ कहा कि बंधुत्व की भावना से ही समाज से जातिवाद, भेदभाव, असमानता मिट सकती है। आपसी बंधुत्व की भावना से ही समाज एकजुट होगा। भागवत ने कहा- संघ का काम केवल अपना नाम नहीं करना, बल्कि देश का नाम बड़ा करना है। संघ के 100 वर्षों की यात्रा हिंदू समाज को संगठित करने पर केंद्रित रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित लोग स्थानीय स्तर पर खेल जगत के लोगों के साथ सहयोग करके चिंतन करें।
संघ को समझन के लिए करना होगा काम
भागवत ने कहा-केवल खेल और राजनीति से संघ को नहीं समझा जा सकता। संघ को समझने के लिए उसके भीतर आकर काम करना होगा। डॉ. हेडगेवार के बारे में उन्होंने कहा कि उस समय अक्सर एक बात कही जाती थी कि चार हिंदू कभी एक साथ एक दिशा में नहीं चल सकते। वह तभी साथ चल सकते हैं जब पांचवां हिंदू कंधे पर हो। ऐसी सब बातों पर गहनता से विचार करके हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए संघ स्थापना की।
संघ किसी वर्ग विशेष का विरोधी नहीं
भागवत ने कहा कि संघ को सत्ता की अभिलाषा नहीं है। संघ का मूल उद्देश्य समस्त हिंदू समाज को संगठित करना है। संघ किसी वर्ग विशेष के विरोध या किसी से स्पर्धा के लिए काम नहीं करता। कुछ लोग संघ को समावेशी मानते हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि यह राष्ट्र भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, महावीर, स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद और महात्मा गांधी का है। भारत को मात्र भौगोलिक सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता।
हिंदू कोई जाति नहीं, यह एक विशेषण
संघ प्रमुख ने हिंदू शब्द की व्याख्या करते हुए कहा- हिंदू कोई जाति नहीं, यह एक विशेषण है। जब भी हमारी एकता खंडित हुई, राष्ट्र पर संकट आया। पूजा पद्धति और देवी-देवता भिन्न हो सकते हैं, परंतु इस विविधता में एकता का भाव ही हमारी संस्कृति का आधारभूत तत्व है। हमारा समाज चार स्तंभ संस्कार की प्रक्रिया, सनातन संस्कृति, धर्म का भाव और सत्य का साकार पर खड़ा है। संघ का एकमात्र कार्य संपूर्ण हिंदू समाज के संगठन के लिए व्यक्ति निर्माण करना है। संघ के स्वयंसेवक आज समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय हैं।
आरएसएस से जुड़ने के पांच मंत्र
भागवत ने संघ से जुड़ने के पांच मंत्र दिए। पहला-संघ के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर संघ को अंदर से देखें और किसी दायित्व पर कार्य करें। दूसरा-संघ के किसी अनुषांगिक संगठन से जुड़कर काम करें। तीसरा-संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में किसी न किसी तरह सहयोग करें। चौथा-आप अपना काम करते हुए संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम अथवा स्वयंसेवकों से संवाद बनाए रखें। पांचवां- कोई न कोई अच्छा, प्रमाणिक एवं निस्वार्थ भाव से देश के लिए कार्य करते रहें। फिर आप स्वयंसेवक हों या न हों इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। हम मानते हैं कि आप स्वयंसेवक हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
इसरो चेयरमैन वी नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन के तहत इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले 3 अनक्रूड मिशन लॉन्च किए जाएंगे। जानें मिशन की सुरक्षा और नई तकनीकों के बारे में।
असम के सीएम हिमंत सरमा की पत्नी पर आरोप लगाने के बाद पवन खेड़ा की तलाश में असम पुलिस ने हैदराबाद में उनके घर की घेराबंदी की है। जानें क्या है पूरा मामला।
ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 16 तेल और गैस जहाजों को निकालने के लिए ईरान से संपर्क किया है। जानें भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इसका प्रभाव।
गूगल मैप ने एक बार फिर दो लोगों को गलत रास्ता दिखाकर जान ले ली। इससे हड़कंप मच गया है। दरअसल, गूगल मैप के सहारे देहरादून जाते समय कार दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर अस्थाई बैरियर से टकरा गई। उसमे सवार इंजीनियर व उनके दोस्त की मौत हो गई।
असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी की एफआईआर के बाद असम पुलिस पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पहुंची। जानें क्या है फर्जी पासपोर्ट विवाद और सीएम सरमा का राहुल गांधी पर बड़ा बयान
केरलम में मौजूद सबरीमाला मंदिर को लेकर केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को अपनी बात रखी। केंद्र ने कहा कि पूजा की जगह में कौन जा सकता है, यह लिंग भेदभाव का मामला नहीं है, बल्कि यह धार्मिक रीति-रिवाजों, मान्यताओं और देवता के खास स्वरूप पर आधारित है।
पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने अनुमान लगाया है कि, पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 91 लाख हो गई है। हालांकि, ईसीआई ने अभी तक अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया है।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आए आईआईटी बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले अभय सिंह ग्रेवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह सिर्फ उनका आध्यात्मिक सफर नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी और उससे जुड़ा एक बड़ा विजन है।
देश की प्रमुख एयरलाइन एअर इंडिया में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। कंपनी के मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कंपनी ने उनसे अनुरोध किया है कि नए सीईओ की नियुक्ति तक वे अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहें, ताकि ट्रांजिशन सुचारु रूप से हो सके।
तमिलनाडु के सथानकुलम में 2020 में हुई पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में विशेष कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दोषी 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा मिली है।