फराज समेत कई आतंकी गिरफ्तार
यूपी और राजस्थान से भी गिरफ्तारियां
चार प्रदेशों में फैले ही स्लीपर सेल

भोपाल। स्टार समाचार वेब

मध्य प्रदेश आतंक निरोधी दस्ता (एटीएस) ने भोपाल के पुराने शहर के काजी कैंप से मोहम्मद फराज उर्फ खादिल को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। फराज से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर एटीएस ने अब तक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम और राजस्थान के अलवर से शाकिर मेव को गिरफ्तार किया है। शाकिर मेव इस गिरोह में 'सेकंड हैंड कमांडर' की भूमिका में था और साजिश का मुख्य हिस्सा था। वर्तमान में इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे चार राज्यों में फैले स्लीपर सेल के खतरनाक मंसूबों का खुलासा हुआ है।

खाड़ी देशों और पाकिस्तान से मिल रहा था डायरेक्शन

जांच में सामने आया है कि फराज को न केवल पाकिस्तान बल्कि खाड़ी देशों में बैठे हैंडलर्स से भी सीधे निर्देश मिल रहे थे। इस नेटवर्क को विस्तार देने के लिए धार निवासी हाजी अजहर को भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, हरियाणा के नूंह से भी एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है, जो लंबे समय से फराज के संपर्क में था और स्थानीय स्तर पर जिहादी विचारधारा को फैलाने में सक्रिय था। ये सभी हैंडलर डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर स्लीपर सेल को सक्रिय रखने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं का 'ब्रेनवॉश'

फराज का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार युवकों को निशाना बनाना था। उसे मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में जिहादी नेटवर्क खड़ा करने का टारगेट दिया गया था। जांच में पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़कर उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। अब एटीएस उन करीब आधा दर्जन युवाओं की सूची तैयार कर रही है जो फराज के सीधे संपर्क में थे। इन सभी संदिग्धों की सोशल मीडिया प्रोफाइल और उनकी हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

विदेशी फंडिंग और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच

एटीएस इस गिरोह को मिल रही विदेशी फंडिंग के स्रोत का पता लगाने के लिए गहन छानबीन कर रही है। फराज और उसके साथियों के पास से बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। एटीएस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि इन उपकरणों के जरिए कितनी संवेदनशील फाइलें विदेश भेजी गईं। वहीं, गिरफ्तारी के बाद से ही फराज का परिवार और उसके काम करने वाली क्लीनिक के संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

यह भी पढ़ें...

भोपाल ATS का बड़ा खुलासा: पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर MP में जिहादी नेटवर्क बना रहा था फराज