सिंगरौली के चितरंगी आंगनबाड़ी विभाग में नोटिस के बहाने कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। शिकायतों के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई।

हाइलाइट्स:
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
चितरंगी के महिला एवं बाल विकास विभाग में नोटिस को लेकर उठे वसूली के आरोपों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं, सहायिकाओं और स्व-सहायता समूहों से जवाब के नाम पर कथित रकम मांगने की शिकायतों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुपोषित बच्चों और महिलाओं के हित में चलाई जाने वाली योजनाओं में यदि इसी तरह सुविधा शुल्क का खेल चलता रहा, तो लाभार्थियों तक राहत पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा। अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
जानकारी के अनुसार, परियोजना अधिकारी चितरंगी क्रमांक-01 सतेंद्र सोधिया एवं पर्यवेक्षक प्रीतेश सिंह बैस द्वारा बीते 15 दिनों से लगातार क्षेत्रीय भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित कार्यकतार्ओं, सहायिकाओं और मध्यान्ह भोजन न देने वाले समूहों को तीन दिवस के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग का आरोप लगाएं जा रहें हैं। सूत्रों के अनुसार, जब संबंधित कार्यकर्ता या सहायिकाएं नोटिस का जवाब देने कार्यालय पहुंचती हैं, तो उनसे कथित रूप से मोटी रकम की मांग की जाती है। विभागीय सूत्रों का आरोप है कि कार्यकतार्ओं से 5000, सहायिकाओं से 3000 तथा स्व-सहायता समूहों से बच्चों के पंजीयन के आधार पर राशि वसूली जा रही है। इतना ही नहीं, जो कर्मचारी या समूह यह तथाकथित सुविधा शुल्क देने से मना करते हैं, उन्हें पद से हटाने की धमकी तक दी जा रही है। ग्रामीणों और संबंधित कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और कलेक्टर इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वास्तव में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
सत्ता के साए में नियम टूटे, व्यवस्था मौन
सत्ता के साए में नियम टूटने और व्यवस्था के मौन रहने की कहानी चितरंगी के आंगनबाड़ी विभाग में फिर सामने आ रही है, जहां प्रभावशाली चेहरों के आगे जवाबदेही बौनी नजर आती है। आरोप है कि महीनों से अनुपस्थित रहने वाली कार्यकतार्ओं पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, जबकि कमजोर और जरूरतमंद वर्ग से जुड़े केंद्रों पर ही सख्ती दिखाई जाती है। कागजों पर केंद्र चलते रहते हैं, लेकिन हकीकत में कुपोषित बच्चों और गरीब परिवारों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण की वह परत है जो पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा करती है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के नहीं खुलने की शिकायत पर कार्यवाही जारी है, रही बात नोटिस के बाद अवैध वसूली की तो इस तरह की शिकायत अभी तक नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाहित की जाएगी।
जितेंद्र गुप्ता, डीपीओ सिंगरौली


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में स्वास्थ्य विभाग की ₹60.60 लाख की सरकारी राशि के गबन का खुलासा हुआ है। EOW ने तत्कालीन CMHO और DHO समेत 6 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन दिग्विजय सिंह का तीखा बयान सामने आया। 2200 से अधिक यात्रियों के साथ कानीपुरा से तराना पहुंची इस गैर-राजनीतिक पदयात्रा का विस्तृत विवरण पढ़ें।
मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर नई भर्तियों और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की घोषणा की गई है। यही नहीं, शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर्तव्य की राह में अपने प्राण न्योछावर करने वाले 9 शहीद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल स्थित 95 करोड़ रुपये की शत्रु संपत्ति 'रियाज मंजिल' पर बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को केंद्र सरकार के समक्ष पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी वकील मुकुल ढोलपुरे और उसके साथियों का पर्दाफाश किया है। जानें दिल्ली और नाइजीरियाई कनेक्शन से जुड़े इस बड़े खुलासे की पूरी विस्तार से जानकारी।
मध्य प्रदेश कांग्रेस वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर 25 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत पार्टी घर-घर जाकर वोटर्स का सत्यापन करेगी।
भोपाल स्थित बीएचईएल (BHEL) ऑफिसर्स क्लब में दो दिवसीय गरबा महोत्सव का आयोजन हुआ। जानिए विजेताओं के नाम और कार्यक्रम की पूरी झलकियाँ।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा की। 20,000 करोड़ के 175 निर्माण कार्यों, घाटों के एप्रोच रोड, टेंट सिटी और प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए दिए अहम निर्देश।
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रिछाई औद्योगिक क्षेत्र की पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री में सोमवार को भीषण आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं।