मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर देरी का आरोप लगाया है। जानिए प्रोजेक्ट की लागत, शर्तें और ताजा अपडेट।

जापान। स्टार समाचार वेब
भारत और जापान के बीच महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रोजेक्ट में देरी के लिए भारत के रवैये को जिम्मेदार ठहराया है।
जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा, जो लंबे समय से इस परियोजना से जुड़े रहे हैं, ने दावा किया कि जापानी टीम ने पूरी निष्ठा और मेहनत से काम किया है। हालांकि, उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। माकिहारा के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने कई बार वादे किए लेकिन वे उन पर टिके नहीं रहे। बार-बार समझौते बदलना और आखिरी समय पर शर्तों में बदलाव करना प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार का मुख्य कारण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है।
माकिहारा ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की 1-3 जुलाई 2026 की भारत यात्रा पर भी कटाक्ष किया। यद्यपि दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 129 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन माकिहारा का मानना है कि इससे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की जमीनी हकीकत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने 'टॉयो केइजाई ऑनलाइन' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह भी दावा किया कि सिग्नलिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलुओं में जापान को दरकिनार किया गया है। वर्तमान में, भारत सरकार या बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन 14 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे द्वारा किया गया था। इस 508 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बुलेट ट्रेन का सफर मात्र 3 घंटे का होगा, जिसे पूरा करने में अभी सामान्य ट्रेनों को 7 से 8 घंटे का समय लगता है। यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत की एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹2 लाख करोड़ है। इसमें जापान की सरकारी एजेंसी JICA द्वारा ₹88 हजार करोड़ का निवेश किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जापान ने इस कर्ज के लिए बेहद उदार शर्तें रखी हैं -
ब्याज दर: केवल 0.1% सालाना।
भुगतान अवधि: 50 साल का समय।
मोरेटोरियम: पहले 15 वर्षों तक कोई किस्त नहीं देनी होगी। अब तक जापान ने ₹55 हजार करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत कर दी है, साथ ही शिंकानसेन (Shinkansen) तकनीक और विशेषज्ञता भी साझा कर रहा है।
मुंबई-अहमदाबाद रूट का 92% हिस्सा (468 किमी) एलिवेटेड होगा। इसकी कुछ प्रमुख इंजीनियरिंग खासियतें -
समुद्री सुरंग: मुंबई में 7 किमी का ट्रैक समुद्र के अंदर होगा।
मार्ग की संरचना: 25 किमी सुरंग से और 13 किमी जमीन पर होगा।
भौगोलिक बाधाएं: यह रूट 70 हाईवे और 21 नदियों को पार करेगा, जिसके लिए 173 बड़े और 201 छोटे पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
संचालन क्षमता: शुरुआत में 10 कोच वाली 35 ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। भविष्य में 16 कोच के साथ यात्री क्षमता बढ़ाई जाएगी और 2050 तक ट्रेनों की संख्या 105 तक ले जाने का लक्ष्य है।
वहीं, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा द्वारा लगाए गए आरोपों को भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि जापान के साथ इस परियोजना पर चर्चा सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है और निर्माण कार्य पूरी तेजी के साथ तय समय-सीमा के अनुरूप जारी है।

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