अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव। खार्ग आइलैंड पर कब्जे की धमकी के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी। जॉर्डन, कुवैत और ओमान में हमलों के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल में भारी उछाल।

ईरान-अमेरिका तनाव:
ईरान ने कहा- अमेरिका हिम्मत न करें खार्ग पर आने की
ईरान। स्टार समाचार वेब
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के खार्ग आइलैंड पर संभावित कब्जे के बयान पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने खार्ग आइलैंड पर कब्जे की हिमाकत की, तो उसके सैनिक जिंदा वापस नहीं लौट पाएंगे। खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत से 55 किलोमीटर दूर स्थित है और ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा रणनीतिक केंद्र है।
तनाव के बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत और ओमान स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमलों का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर हुए हमले में अमेरिकी सेना के 20 हैंगर तबाह हो गए हैं और दर्जनों सैनिक मारे गए हैं। इसके अतिरिक्त, कुवैत में डिसेलिनेशन प्लांट पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ है, जिससे क्षेत्र में बिजली और पानी का संकट गहरा गया है।
ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन (AEOI) ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों ने खुजेस्तान प्रांत में निर्माणाधीन डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया है। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट में भी हिंसा का दौर जारी है। सोमवार को ओमान के कुमजार तट के पास एक जहाज पर हमले के बाद उसमें आग लग गई। इन घटनाओं के बाद साउथ कोरिया ने भी अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह दी है।
ईरान और अमेरिका के बीच इस बढ़ते सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.7% उछलकर 90.49 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। यह जून के बाद का उच्चतम स्तर है, जिससे भविष्य में वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
इन सबके बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ हाल ही में हुआ समझौता (MoU) देश के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप है और इसमें किसी भी सिद्धांत से समझौता नहीं किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि कूटनीति के दरवाजे अब भी खुले हैं, हालांकि अमेरिका अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। ईरान ने भी दोहराया है कि वह रक्षा और कूटनीति के रास्तों पर एक साथ आगे बढ़ता रहेगा।

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