शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की। पश्चिम एशिया के तनाव और ऊर्जा सुरक्षा पर हुई इस खास बैठक हुई।

बिश्केक में खास मुलाकात
बिश्केक। स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से आमने-सामने मुलाकात की। पश्चिम एशिया में पिछले कुछ महीनों से लगातार चल रहे तनाव और गंभीर सुरक्षा हालातों के बीच दोनों शीर्ष नेताओं की यह पहली औपचारिक बैठक है, जिसे कूटनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इससे पहले दोनों नेता पश्चिम एशिया के हालातों पर टेलीफोन के जरिए लगातार संपर्क में बने हुए थे।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'Tasnim' के अनुसार, इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में भारत और ईरान के बीच संयुक्त सहयोग को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास के मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा हुई।
इस मुलाकात के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विषय प्रमुखता से सामने आया, जो भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए भारत की कुल तेल और ऊर्जा जरूरतों का लगभग पांचवां हिस्सा आपूर्ति किया जाता है। क्षेत्रीय अस्थिरता के इस दौर में इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा भारत के लिए सर्वोपरि है। ईरानी राष्ट्रपति के साथ अपनी पिछली टेलीफोन वार्ताओं में भी पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि सभी जटिल मुद्दों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए, साथ ही क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिश्केक के लिए रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ईरान किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन यदि कोई आक्रामकता थोपी जाती है, तो उसका पूरी मजबूती के साथ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि वर्तमान समय में क्षेत्र की अस्थिरता दुनिया के सभी देशों के लिए हानिकारक साबित हो रही है। भारत हमेशा से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर रहा है।
SCO शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया के अपने समकक्ष निकोल पाशिन्यान के साथ भी एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मास्युटिकल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति तथा शिक्षा जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयां देने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत आर्मेनिया के साथ अपने पारंपरिक और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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