
ग्लेशियरों की जानकारी मांगी थी, लेकिन चीन ने नहीं दी
चितवन के देवघाट जंगल में शवों को दफनाने खोदी कब्र
मुर्दाघर भरे होने और पहचान मुश्किल होने से यह कदम
650 से अधिक शवों में से केवल 29 की पहचान संभव
काठमांडू। स्टार समाचार वेब
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद स्थिति अत्यंत दर्दनाक हो गई है। मुर्दाघरों के फुल होने और शवों के तेजी से खराब होने के कारण चितवन के देवघाट जंगल में सैकड़ों कब्रें तैयार कर अज्ञात शवों को दफनाया जा रहा है। पुलिस द्वारा 650 से अधिक बरामद शवों में से केवल 29 की ही पहचान संभव हो सकी है। पिछले दो दिनों में 196 अज्ञात शवों को दफनाया गया है। परिजनों के दावे के लिए हर शव के साथ एक पहचान नंबर, जियो-टैगिंग, कपड़े-गहनों का रिकॉर्ड और डीएनए व फिंगरप्रिंट सैंपल सुरक्षित रखे जा रहे हैं।

ग्लेशियर पर चीन की चुप्पी
वहीं, इस त्रासदी से पहले चीन से ग्लेशियरों के खतरे की जानकारी साझा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में बाढ़ आई थी। 27 मई की द्विपक्षीय बैठक में नेपाल ने चीन से ग्लेशियरों के जलस्तर की अग्रिम जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें चीन से उतनी जानकारी नहीं मिली, जितनी वे चाहते थे।
मौत का आंकड़ा और लापता
नेपाल में मौतों की कुल संख्या 920 तक पहुंच गई है (तिब्बत में 16 मौतें)। दोनों देशों में कुल 4200 लोग (नेपाल: 2,502, तिब्बत: 546) लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं भारत विदेश मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है।
NDRRMA ने नेपाल के रसुवा भोटेकोशी में आई बाढ़ से प्रभावित और 30 अगस्त को बचाए गए विदेशी नागरिकों की लिस्ट जारी की है।

व्यापारिक मार्ग हुआ ध्वस्त
रासुवागढ़ी-केरुंग बॉर्डर पर बना फ्रेंडशिप ब्रिज और तिमुरे का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया है, जिससे चीन और नेपाल के बीच व्यापारिक संपर्क पूरी तरह कट गया है। यह रास्ता नेपाल के लिए इसलिए अहम है क्योंकि चीन से आने वाला बड़ी मात्रा में सामान इसी रूट से देश में पहुंचता है। रास्ता बंद होने से सामान की आवाजाही प्रभावित हुई है और कारोबारियों की मुश्किल बढ़ गई है।
पहचान के लिए परिजनों की जुटी भीड़
चितवन, नुवाकोट, गोरखा और नवलपरासी में नदियों के किनारे लगातार कटे-फटे व क्षतिग्रस्त शव मिल रहे हैं। पोखरा में 1,000 से अधिक रिश्तेदार अपने अपनों को ढूंढने पहुंचे हैं, जहां टैटू, स्कूल यूनिफॉर्म और गहनों के आधार पर शवों की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। लिखु ग्रामीण नगरपालिका और सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर सफाई व बचाव अभियान में जुटे हैं।
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