इंडोनेशिया में 240 लोगों को लेकर जा रहा एक यात्री जहाज विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 रविवार को जावा सागर में अचानक लापता हो गया। यह जहाज पूर्वी जावा प्रांत के सुरबाया से बोर्नियो द्वीप के दक्षिण कालीमंतन प्रांत की राजधानी बंजारमासिन की ओर जा रहा था।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने देश के बुनियादी ढांचे को बर्बाद कर दिया है। प्राथमिक आंकलन के अनुसार, क्षतिग्रस्त ढांचा दोबारा खड़ा करने में 4.52 लाख करोड़ भारतीय रुपए का खर्च आएगा, जो नेपाल की कुल जीडीपी (4.32 लाख करोड़) से भी अधिक है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से देश को करीब 400 अरब नेपाली रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अत्यंत चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से शुरू हुई इस त्रासदी में अब तक कम से कम 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण और भयानक प्राकृतिक आपदा ने चारों तरफ तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। आपदा के एक हफ्ते बाद भी सुरक्षा बल और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों और लापता हुए हजारों लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं।
उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में संचालित पंजाब नेशनल बैंक की घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट करेंसी चेस्ट में अगस्त महीने में आॅडिट के दौरान 7.40 करोड़ रुपए की जाली करेंसी पाई गई। इससे पहले 10-11 अगस्त के आसपास बैंक से आरबीआई भेजी गई रकम में 4.36 लाख रुपए की कैश कमी सामने आई थी।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को कई दिन गुजर चुके हैं, लेकिन तबाही का खौफनाक मंजर अब भी कायम है। बिखरे हुए मलबे के बीच जिंदगियां तलाशने का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। करीब चार हजार लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच लापता भारतीयों और चीन सीमा पर फंसे नागरिकों का ताजा अपडेट। जानिए भारत सरकार के राहत अभियान और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी।
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बीते 21 दिनों से लापता दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता निर्वा को आखिरकार वन्यजीव निगरानी टीम ने सुरक्षित खोज निकाला है। रेडियो कॉलर के सिग्नल बंद होने के कारण मानसून के घने जंगलों में उसकी लोकेशन ट्रेस करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।






















