नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक बार फिर तबाई मचाई हुई है। इस भयावह हादसे में करीब 40 घर, छह पुल और पनबिजली बुनियादी ढांचा बह गए, जबकि दर्जनभर लोग लापता हैं।
नेपाल सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं में लापता हुए लोगों को कानूनी रूप से मृत घोषित करने की समय-सीमा 12 साल से घटाकर मात्र 45 दिन कर दी है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा जारी अध्यादेश 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के 45 दिन पूरे होने से ठीक एक दिन पहले लागू किया गया।
भारत के पड़ोसी देशों में स्थित प्रमुख शक्तिपीठों के बारे में जानें। श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान, तिब्बत और बांग्लादेश के इन पवित्र देवी मंदिरों का पौराणिक महत्व और इतिहास पढ़ें
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने देश के बुनियादी ढांचे को बर्बाद कर दिया है। प्राथमिक आंकलन के अनुसार, क्षतिग्रस्त ढांचा दोबारा खड़ा करने में 4.52 लाख करोड़ भारतीय रुपए का खर्च आएगा, जो नेपाल की कुल जीडीपी (4.32 लाख करोड़) से भी अधिक है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से देश को करीब 400 अरब नेपाली रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद हालात अत्यंत चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से शुरू हुई इस त्रासदी में अब तक कम से कम 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
तिब्बत में 5.0 तीव्रता के भूकंप के झटके, नेपाल सीमा पर ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ और तबाही की पूरी जानकारी। जानें मृतकों, लापता लोगों और ताजा अपडेट्स के बारे में विस्तार से।
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ को 7 दिन पूरे हो चुके हैं। जानें मौतों के आंकड़े, हाइड्रोपावर टनलों में बचाव कार्य, सामूहिक दफन और भारत द्वारा दी जा रही मदद की विस्तृत रिपोर्ट
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई भीषण और भयानक प्राकृतिक आपदा ने चारों तरफ तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। आपदा के एक हफ्ते बाद भी सुरक्षा बल और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों और लापता हुए हजारों लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को कई दिन गुजर चुके हैं, लेकिन तबाही का खौफनाक मंजर अब भी कायम है। बिखरे हुए मलबे के बीच जिंदगियां तलाशने का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। करीब चार हजार लोग अभी भी लापता हैं।






















