म्यांमार के नए राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने थिंगयान नए साल पर बड़ा कदम उठाते हुए सभी मृत्युदंड की सजाओं को उम्रकैद में बदला। पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट भी जेल से हुए आजाद।

म्यांमार के तानाशाह आर्मी चीफ मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति
नेपीडॉ: स्टार समाचार वेब
म्यांमार के सैन्य प्रमुख और नवनियुक्त राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने पदभार ग्रहण करने के एक सप्ताह के भीतर ही एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को म्यांमार के नए साल 'थिंगयान' के अवसर पर देश में मृत्युदंड की सजा पा चुके सभी कैदियों की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है।
मीडिया में आई खबरों में कहा जा रहा है कि इस फैसले की सबसे बड़ी खबर पूर्व राष्ट्रपति विन म्यिंट की रिहाई है। साल 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के दौरान उन्हें बंदी बना लिया गया था। अब लंबी कैद के बाद उन्हें सैन्य शासन द्वारा माफी दे दी गई है।
फरवरी 2021 में लोकतंत्र को कुचलकर सत्ता पर काबिज होने वाली म्यांमार सेना ने हाल ही में मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति घोषित किया है। जानकारों का मानना है कि सेना अपनी 'कठोर' छवि को 'नागरिक सरकार' (Civilian Government) जैसा दिखाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सैन्य शासन के दौरान 130 से अधिक लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी।
सजा का रूपांतरण: फांसी की सजा पाने वाले सभी अज्ञात कैदियों को अब ताउम्र जेल में रहना होगा।
बड़ी रिहाई: थिंगयान त्योहार के मौके पर कुल 4,300 से अधिक कैदियों को रिहा किया जा रहा है, जिसमें 179 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
सजा में कटौती: जिन कैदियों की सजा 40 वर्ष से कम है, उनकी शेष सजा में एक-छठा (1/6) हिस्सा कम कर दिया गया है।
आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय दबाव और देश के भीतर जारी गृहयुद्ध जैसी स्थितियों के बीच जनता का ध्यान भटकाने और वैश्विक स्तर पर छवि सुधारने का एक दिखावा मात्र हो सकता है। फिलहाल, आधिकारिक घोषणा में किसी भी विशिष्ट कैदी के नाम का उल्लेख सजा बदलने की सूची में नहीं किया गया है।
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