अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने प्रेस कार्यालय को संवेदनशील क्षेत्र (SCIF) घोषित कर मीडिया की एंट्री बैन कर दी है। इसके खिलाफ द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। जानें पूरा मामला।

वाशिंगटन। स्टा समाचार वेब
अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) और मीडिया के बीच का टकराव अब एक नए चरम पर पहुंच गया है। पेंटागन ने अपने प्रेस कार्यालय को 'क्लासिफाइड स्पेस' (संवेदनशील क्षेत्र) घोषित करते हुए वहां पत्रकारों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में सरकार और मीडिया के बीच बढ़ती तल्खी का यह एक और बड़ा उदाहरण है।
पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस फैसले की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने इस कदम को सामान्य बताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं है।
वाल्डेज के मुताबिक, "पेंटागन प्रेस कार्यालय को अब 'सेंसिटिव कंपार्टमेंटेड इंफॉर्मेशन फैसिलिटी' (SCIF) के रूप में पुनर्निर्धारित किया गया है। इसका कारण यह है कि युद्ध सचिव के कार्यालय के स्पीच राइटर (भाषण लेखक) अब इसी परिसर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो नियमित रूप से अत्यंत गोपनीय दस्तावेजों और सामग्री पर काम करते हैं। सुरक्षा कारणों से अब पत्रकारों को इस क्षेत्र में आने की अनुमति नहीं होगी।"
इस फैसले के बाद अमेरिकी मीडिया जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सालों से पेंटागन की कवरेज करने वाले पत्रकारों के पास विशेष पहचान पत्र (एंट्री पास) होते थे, जिससे वे इमारत के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्वतंत्र रूप से अधिकारियों से मिल सकते थे।
लेकिन पिछले साल अक्टूबर में, सरकार द्वारा लगाए जा रहे कड़े प्रतिबंधों के विरोध में अधिकांश बड़े समाचार संस्थानों ने अपने प्रवेश पास वापस कर दिए और पेंटागन का बहिष्कार कर दिया।
इस पाबंदी को लेकर कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। प्रसिद्ध अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने 18 मई को पांच महीनों के भीतर दूसरी बार रक्षा विभाग के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
अखबार का तर्क: पेंटागन परिसर में पत्रकारों के साथ हर समय सरकारी 'एस्कॉर्ट' (सुरक्षाकर्मी) का रहना अनिवार्य करना, अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन (First Amendment) का सीधा उल्लंघन है। यह सैन्य मामलों पर स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्टिंग को दबाने का एक असांविधानिक प्रयास है।
विवाद की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी, जब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पत्रकारों के लिए नए कड़े नियम लागू किए थे। इसके खिलाफ अखबार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मार्च: अमेरिकी जिला न्यायाधीश पॉल एल. फ्रीडमैन ने पहले के प्रतिबंधों को रद्द कर दिया।
अंतरिम नीति: कोर्ट के फैसले के बाद पेंटागन ने एक अंतरिम नीति लागू की, जिसमें पत्रकारों के लिए हर वक्त एस्कॉर्ट साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया।
अगला मोड़: न्यायाधीश ने इस अंतरिम नीति को भी अपने पुराने आदेश का उल्लंघन बताया। लेकिन सरकार ने इसके खिलाफ अपील कर दी, जिसके बाद अपीलीय अदालत ने फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी। फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है और एस्कॉर्ट नीति लागू है।

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