PM Kisan Yojana 23rd Installment से पहले केंद्र सरकार ने प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जानिए किसानों को कैसे मिलेगा इसका लाभ।

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
केंद्र की मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 23वीं किस्त जारी होने से पहले देश के अन्नदाताओं को एक और बड़ी सौगात दी है। सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसके न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस नीतिगत बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य दिलाना है, जिससे देश की सरकारी खरीद व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाया जा सके।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस महत्वपूर्ण निर्णय को साझा किया। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता मामले विभाग के आला अधिकारियों के साथ प्याज खरीद से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर मंथन किया गया कि बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा कैसे की जाए और सरकारी खरीद की पूरी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर कैसे मजबूत बनाया जाए।
सरकार द्वारा लिए गए नए फैसले के तहत, अब अच्छी और भंडारण योग्य गुणवत्ता वाले प्याज की खरीद बढ़े हुए दामों पर की जाएगी। वर्तमान बाजार की स्थिति और महंगाई के रुख को देखते हुए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य को बढ़ाकर अब 1,650 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह संशोधित और बढ़ी हुई दर 13 जून से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है, जिससे चालू सीजन में ही किसानों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने इस बार केवल खरीद मूल्य में ही वृद्धि नहीं की है, बल्कि मूल्य निर्धारण (Price Fixing) की पूरी व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों को बाजार की मौजूदा वास्तविकताओं और व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुकूल बनाया गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यावहारिक बदलाव के बाद देश के छोटे और सीमांत किसानों को अपनी प्याज की फसल का पहले की तुलना में बहुत बेहतर और प्रतिस्पर्धी दाम मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस फैसले के पीछे सरकार का दृष्टिकोण बेहद स्पष्ट है। सरकार का मानना है कि खरीद मूल्य में इस बढ़ोतरी से प्याज उगाने वाले किसानों की घरेलू आय में सुधार होगा और उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इसके साथ ही, सरकारी गोदामों में पर्याप्त बफर स्टॉक होने से भविष्य में बाजार में प्याज की कीमतों में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी और बाजार में आपूर्ति की व्यवस्था संतुलित बनी रहेगी।
यहाँ यह समझना बेहद जरूरी है कि केंद्र सरकार धान, गेहूं या अन्य फसलों की तरह प्याज के लिए किसी औपचारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा नहीं करती है। चूंकि प्याज एक जल्दी खराब होने वाली (Perishable) सब्जी की श्रेणी में आती है, इसलिए इसके लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilization Fund - PSF) की व्यवस्था की गई है। इसी कोष के तहत सरकार एक न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) तय करती है, ताकि जब भी बाजार में प्याज के दाम अचानक नीचे गिरें, तो किसानों को औने-पौने दाम पर फसल न बेचनी पड़े और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

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सोने-चांदी के दाम में आज गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 269 रुपए गिरकर 1.53 लाख रुपए पर आ गई है। एक किलो चांदी की कीमत 3,742 रुपए कम होकर करीब 2.30 लाख रुपए हो गई है।
एपल ने देर रात लॉन्च इवेंट सरप्राइज एंड शाइन में अपने पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ के साथ 6 डिवाइस लॉन्च किए। आईफोन डुओ में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और अंदर 7.6-इंच की मेन स्क्रीन है, जो अब तक के किसी भी आईफोन का सबसे बड़ा डिस्प्ले है।
स्मार्टफोन की दुनिया में फोल्डेबल फोन कभी महज एक महंगा प्रयोग माने जाते थे, लेकिन अब यह प्रीमियम मोबाइल बाजार का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इस बदलाव में सैमसंग की भूमिका सबसे बड़ी रही है। यानी जिस बाजार को सैमसंग ने कई साल तक तैयार किया, वहां अब एपल सीधे प्रीमियम सेगमेंट में मुकाबले के लिए उतरने वाला है।
भारतीय शेयर बाजार आज कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 533 अंक या 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,044 और निफ्टी 135 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,498 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम आईटी और सर्विसेज सेक्टर ने किया।
भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 400 अंक लुढ़क गया। निफ्टी भी 23,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। अडानी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में रहे। दरअसल, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव डाल रही हैं।