रीवा नगर निगम के विशेष सम्मेलन में विकास कार्यों पर चर्चा से पहले ही हंगामा हो गया। भाजपा पार्षदों ने अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उप आयुक्त को चूड़ियां भेंट कीं और सदन से वॉकआउट कर दिया।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
नगर निगम में मंगलवार को उस समय एक बेहद अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जब भाजपा पार्षदों की मांग पर बुलाए गए विशेष सम्मेलन में विकास कार्यों पर चर्चा होने के बजाय भारी हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। आक्रोश इस कदर बढ़ा कि बीजेपी पार्षदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया, जिसके बाद परिषद अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही वार्डों की बदहाली और रुके हुए विकास कार्यों पर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा पार्षद श्रीमती पूजा सिंह ने निगम आयुक्त अक्षत जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा जब भी हम अपने वार्ड के विकास कार्यों को लेकर निगम कमिश्नर से बात करने जाते हैं, तो उनका सीधा और गैर-जिम्मेदाराना जवाब होता है कि 'जनता जो बोलती है उसे आप लोग सुनते रहिए, आप लोग सुनने के लिए ही हैं। जनप्रतिनिधियों के प्रति यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद स्वतंत्र शर्मा ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कमिश्नर को घेरा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नर जनसमस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और जनप्रतिनिधियों का फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते। मंगलवार को हुए इस सम्मेलन में ज्यादातर पार्षदों ने कमिश्नर की कार्यप्रणाली पर जमकर भड़ास निकाली।
खुद परिषद अध्यक्ष भी बेबस
निगम प्रशासन की लापरवाही का आलम यह रहा कि खुद परिषद अध्यक्ष ने अपनी आसंदी से निगम की लचर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने द्वारिका नगर का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खुद के आवास के सामने की सड़क को दो महीने पहले खोद दिया गया था, जिसे आज तक सुधारा नहीं गया है। जब खुद अध्यक्ष के इलाके का यह हाल है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
डिप्टी कमिश्नर को भेंट कीं चूड़ियां
सदन में हंगामा उस समय चरम पर पहुंच गया जब वार्ड की समस्याओं और विकास कार्य न होने से नाराज बीजेपी की महिला पार्षदों ने निगम प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। पार्षदों ने विकास कार्य ठप होने का ठीकरा निगम प्रशासन पर फोड़ते हुए निगम के उप आयुक्त को मंच पर ही चूड़ियां भेंट कर दीं।
पांच ज्वलंत मुद्दों पर होनी थी बात
गौरतलब है कि भाजपा पार्षदों ने शहर के 5 सबसे ज्वलंत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इस विशेष सम्मेलन की मांग की थी। लेकिन सदन की शुरूआत से ही हंगामे और अधिकारियों के अड़ियल रवैये से नाराज होकर भाजपा पार्षद बिना किसी मुद्दे पर चर्चा किए ही सदन से बाहर निकल गए। पार्षदों के बाहर जाते ही सदन में कोरम और सहमति के अभाव को देखते हुए परिषद अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।
अब पार्षदों के सपनों में आ रहे हैं उफनते गटर और प्यासे नल
पिछले चार सालों से माननीय पार्षद जी जिस चमचमाती फॉर्च्यूनर या स्कोडा में घूम रहे थे, उसका सस्पेंशन इतना तगड़ा था कि उन्हें वार्ड की कमर तोड़ सड़कें कभी महसूस ही नहीं हुईं। लेकिन जैसे ही कैलेंडर पर चुनाव का आखिरी साल चमका, पार्षद जी की रीढ़ की हड्डी में अचानक वार्ड की जनता का दर्द चुभने लगा है। अब वे पैदल मार्च कर रहे हैं ताकि जनता को लगे कि नेताजी जमीन से जुड़े हैं, भले ही पैर कीचड़ में सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए पड़ा हो। चार साल तक नलों से आने वाले पीले-काले पानी को नसीब का खेल बताने वाले नुमाइंदे अब अचानक जल विभाग पर ऐसे भड़क रहे हैं जैसे खुद सीधे गंगोत्री से पानी लाने वाले थे। पार्षद जी को डर है कि कहीं जनता इस बार वोट के बदले उसी गंदे पानी से उनका अभिषेक न कर दे। चार साल तक निगम की बैठकों में समोसे-गुलाब जामुन का आनंद लेने वाले माननीय अब अचानक निगम प्रशासन के खिलाफ क्रांतिकारी बन गए हैं। खुद की नाकामी को अफसरशाही के सिर मढ़कर ऐसे मासूम बन रहे हैं, जैसे वे पार्षद नहीं, वार्ड के सीधे-साधे पीड़ित नागरिक हों। इसे पार्षदों की चिंता न कहें साहब, यह तो चुनावी मोतियाबिंद का इलाज है, जो पांचवें साल में आते ही रोशनी दोगुनी कर देता है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
जबलपुर में लगातार बारिश के बाद बरगी बांध का जलस्तर 101% पार हो गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 5 गेट खोले गए हैं, जिससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
भोपाल के अवधपुरी में कांग्रेस के पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। वे लंबे समय से सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में जुटी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भोपाल मंडल से गुजरने वाली 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 2 ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर में 3 से 5 अक्टूबर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक होने जा रही है। शताब्दी वर्ष के समापन और संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मंडला नगर पालिका CMO गजानन नाफड़े 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार। 15 लाख के भुगतान के एवज में मांग रहे थे कमिशन।
सतना में शिक्षक दंपती के सूने मकान का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये का सामान बरामद किया, सराफा कारोबारी फरार है।
सतना में शादी से इनकार करने पर महिला पर दिनदहाड़े चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।
गोरसरी पहाड़ में डेरा जमाए नर हाथी ई-5 को सुरक्षित पकड़ने वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। मैहर के मां शारदा मंदिर की त्रिकूट पहाड़ी पर तेंदुए की आवाजाही सीढ़ियों तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की धमाकेदार वापसी हुई है। भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में 351 बसों के साथ 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत की गई है। जानिए किराए, रूट, इलेक्ट्रिक बसों की खासियत और सरकार के आगामी लक्ष्यों के बारे में पूरी जानकारी।
सतना जिला अस्पताल में 24 घंटे में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत और छह माह में 14 मातृ मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक बुलाई है। उपचार, रेफरल, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जांच होगी।