सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई। मैहर से रेफर गर्भवती महिला को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिली, जिससे उसे पैदल लेबर रूम तक जाना पड़ा। वार्ड बॉय की अनुपस्थिति भी उजागर हुई।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं पटरी से उतर गई हैं। स्वास्थ्य का लाभ लेने मरीजों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 16 स्ट्रेचर एवं 20 व्हील चेयर की सुविधाओं का दावा करने वाले जिला अस्पताल की हकीकत से पर्दा उठा। शुक्रवार को मैहर से रेफर आई प्रसूता प्रतिमा को स्ट्रेचर व व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई, लिहाजा 9 माह की गर्भवती को मजबूरन पैदल चल कर लेवर रूम तक जाना पड़ा। यही नहीं साथ में आए परिजन मरीज का स्लाइन बोतल थामें दिखे। प्रसूता से जब स्ट्रेचर न मिलने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि जिला अस्पताल से जमीनी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं, कई घंटों तक व्हील चेयर और स्ट्रेचर ढूढने का प्रयास किया गया लेकिन वह भी उपलब्ध नहीं हुई। यहां जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान तक नहीं दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में बीते दिन गुरूवार को स्ट्रेचर को लेकर विवाद हुआ था जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा पुलिस चौकी में की गई थी। शिकायतों के बाद भी प्रबंधन द्वारा स्ट्रेचर और व्हील चेयर के उचित प्रयास नहीं किए गए।
मौके पर नहीं मिलते वार्ड ब्वाय
जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 20 से अधिक वार्ड ब्वाय सहित अटेंडर की तैनाती की गई है लेकिन मौके पर कोई भी मौजूद नहीं रहते। कई बार अस्पताल परिसर के अंदर ऐसे ही घटनाक्रम घटित हुए हैं जिनमें मरीज की सुविधा के लिए परिजनों ने ही सहारा दिया है। प्रबंधन के रिकार्डो में हर वार्ड में एक वार्ड ब्वाय, अटेंडर एवं गार्ड की सुविधाएं दी गई हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सीधी के खैरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए, जबकि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सिंगरौली की अमलोरी कोल माइंस में डंपर 100 फीट गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर की मौत हो गई। हादसे ने खदानों में श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित परिवार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तिरपाल और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मुआवजा मिलने के बावजूद स्थायी पुनर्स्थापन और बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार जारी है।
रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सतना के धवारी स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में बिना मीटर सीधे ट्रांसफॉर्मर से बिजली उपयोग का मामला सामने आया। बिजली विभाग की जांच में अवैध कनेक्शन पकड़े गए, जिससे निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।
चित्रकूट में 36.84 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कामदगिरी परिक्रमा मार्ग की गुणवत्ता जांच में खामियां मिलीं। कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया।
सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में अजगर का बच्चा मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सतना जिले में खरीफ सीजन से पहले उर्वरक उपलब्धता चिंता का विषय बन गई है। जरूरत के मुकाबले केवल एक-तिहाई खाद उपलब्ध है, जबकि डीएपी का स्टॉक बेहद सीमित होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई। मैहर से रेफर गर्भवती महिला को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिली, जिससे उसे पैदल लेबर रूम तक जाना पड़ा। वार्ड बॉय की अनुपस्थिति भी उजागर हुई।