सतना जिला अस्पताल परिसर में जाम के कारण एंबुलेंस फंस गई, जिससे विषाक्त पदार्थ खाने वाली गंभीर महिला मरीज को परिजनों ने गोद में उठाकर भर्ती कराया। कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद यातायात व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। अस्पताल की अव्यवस्था से आमजन में आक्रोश।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जाम की झाम केवल शहर की सड़कों में ही नहीं बल्कि जिला अस्पताल परिसर में भी है, जबकि विगत दिवस कलेक्टर डा. सतीश एस ने स्वयं निरीक्षण करते हुए यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसका कोई असर फिलहाल अस्पताल परिसर में नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को अस्पताल परिसर में लगे जाम में एंबुलेंस ही फस गई, जिसके चलते परिजनों को अपने मरीज को गोद में उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बताया गया कि नागौद क्षेत्रांतर्गत इटौरा निवासी धीरज चौधरी की 24 वर्षीया पत्नी रानू लोधी को विषैला पदार्थ खाने के कारण नागौद अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था।
बताया जाता है कि नागौद से रेफर रीनू को एंबुलेंस लेकर जिला अस्पताल तक तो पहुंची लेकिन प्रवेश द्वार से अस्पताल के भीतर तक पहुंचने में उसे 20 मिनट लग गए। दरअसल अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वारा में ऐसा जाम लगा था कि एंबुलेंस इंच भर आगे नहीं बढ़ पाई। उधर एंबुलेंस में रीनू की तबियत बिगड़ते देख परिजनों ने उसे गोदी पर उठाया और हाथ में लगी ड्रिप के साथ ही उसे अस्पताल के भीतर पहुंचाया जहां उसे वार्ड क. 9 में भर्ती किया गया है। अस्पताल परिसर में मौजूद जिसने भी गोद में रीनू को ले जाते देखा उसका मन वितृष्णा से भर उठा।

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