सतना के अधिकांश अस्पताल, होटल और लॉज बिना फायर एनओसी संचालित हो रहे हैं। लगातार अग्निकांडों के बाद नगर निगम ने विशेष जांच दल गठित कर फायर सुरक्षा मानकों की जांच और सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
नगरीय क्षेत्र में संचालित ज्यादातर होटल, लॉज और अस्पताल बगैर फायर एनओसी के चल रहे हैं। लगातार हो रही अग्नि दुर्घटनाओं के बावजूद फायर एनओसी के लिए संस्थान गंभीर नजर नहीं आ रहे। अस्पताल हो या होटल उन्हें नियम- कानून की तो परवाह ही नहीं शायद उनकी नजर में लोगों के जीवन का भी कोई मोल नहीं है तभी तो बार-बार संस्थानों को नगर निगम द्वारा फायर एनओसी के लिए नोटिस जारी किए जाने के बावजूद संस्थान इस पर गंभीर नजर नहीं आ रहे। दिल्ली के एक होटल में और बिहार के मुजफ्फरपुर में एक अस्पताल में लगी आग के बाद सतना में भी होटलों और अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग चर्चा करने लगे हैं कि यदि होटल, लॉज, टाल व अन्य सार्वजनिक स्थानों में आग लगी तो उससे घायल लोग अस्पताल पहुंच सकते हैं लेकिन यदि अस्पताल में आग लगी तो फिर कहां जाएंगे? दरअसल शहरी क्षेत्र में शासकीय व निजी लगभग 45 अस्पताल हैं जिनमें से एक -दो को छोड़ दिया जाए तो किसी में भी फायर एनओसी नहीं है। यहां तक कि जिले के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल जिला चिकित्सालय भी बिना फायर एनओसी के चल रही है। हालांकि इस बीच दिल्ली की होटल में लगी आग के बाद नगर निगम एक बार फिर से फायर एनओसी को लेकर सक्रिय होता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि शहरी क्षेत्र में होटल, लकड़ी के टाल और अस्पताल में फायर एनओसी की जांच के लिए विशेष दल गठित किया जाएगा और वह दल फायर एनओसी से जुड़ी तमाम जांच करेगा।
पांच माह पहले जारी की गई थी नोटिस
बताया जाता है कि शहरी क्षेत्र के लगभग 45 शासकीय व निजी अस्पतालों को फायर एनओसी को लेकर नगर निगम द्वारा पांच माह पहले नोटिस जारी की गई थी लेकिन अब तक न तो अस्पतालों ने फायर एनओसी ली है और न ही नगर निगम की नोटिस का जवाब दिया है। अस्पताल जैसे संस्थानों में फायर एनओसी न होना दुर्भाग्य की बात है।
लगातार घटनाओं के बावजूद नहीं लिया जा रहा सबक
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में लगातार अग्नि दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं, बावजूद इसके इन दुर्घटनाओं से संस्थान व शहर के लोग सबक नहीं ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि अभी हाल ही में नगर निगम कार्यालय के समीप एक गोदाम और सतना नदी के पास भूसी के गोदाम में भी आग लगने की घटना तो सामने आई ही है साथ ही शहर में टाल व अन्य संस्थानों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
नगर निगम की फायर शाखा का एक विशेष दल बनाकर होटल, टाल और अस्पताल के साथ-साथ अन्य संस्थानों में फायर एनओसी की जांच की जाएगी। जिन संस्थानों द्वारा फायर एनओसी ली गई है उनके द्वारा भी नार्म्स का पालन हो रहा है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। फायर एनओसी को लेकर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
सुलभ पाठक, प्रभारी फायर शाखा


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