मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज है। सतना से अभय महाजन और अखंड प्रताप सिंह के नाम संभावित दावेदारों के रूप में राजनीतिक गलियारों में चर्चा में हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसके साथ ही किस पार्टी से कौन सा नेता राज्य सभा में जा सकता है इसकी अटकलें भी तेज हो गई हैं। इधर सत्तारूढ दल भाजपा हो या मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों द्वारा अपने- अपने नामों के पैनल बनाने में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा अगले दो -तीन दिनों में कर सकती है। सत्तारूढ दल भाजपा के राज्यसभा चुनाव की तैयारियों की बात करें तो पार्टी अपने उम्मीदवारों के नामों को फाइनल करने में जुटी हुई है। अभी तक भाजपा से राज्यसभा जाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा दावेदारों के नाम सामने आए हैं। इनमें पूर्व मंत्री से लेकर संघ कोटे के नाम भी शामिल हैं। इन नामों में से सतना जिले से भी दो नामों की चर्चा राजनीतिक हल्कों में बड़ी तेजी के साथ हो रही है। दोनों ही नाम इन दिनों समाजसेवा और धर्मिक के कार्य में लगे हैं। एक प्रभु श्रीराम की सेवा में जुटे हैं तो दूसरे उनके अन्नय भक्त हुनमानजी की सेवा में लगे हैं।
डीआरआई के राष्ट्रीय संगठन सचिव
राज्यसभा के दावेदारों की बात की जाए तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन का नाम भी रेस में शामिल हैं। भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट को अपनी कर्मभमि बना चुके अभय महाजन मूलत: संघ के प्रचारक हैं, वे विद्यार्थी परिषद् के संगठन और प्रांत संगठन मंत्री रह चुके हैं। श्री महाजन स्वदेशी जागरण मंच से भी जुड़े रहे हैं। राष्ट्र ऋषि नानाजी के अनुआई अभय महाजन लम्बे समय से चित्रकूट में सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर तबके के उत्थान के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
लउनि के अध्यक्ष रहे दो बार मिली विस टिकट
लम्बे समय से राजनीति और समाजसेवा में सक्रिय अखण्ड प्रताप सिंह राज्यसभा जाने के प्रबल दावेदारों में माना जा रहा है। लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष रह चुके श्री सिंह को भाजपा ने 2003 और 2008 में मऊगंज विधानसभा से अपना उम्मीदवार भी बनाया था, यह अलग बात है उन्हें विधानसभा चुनाव में सफलता नहीं मिली । इसके बाद के हुए चुनावों में पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया बावजूद वे पार्टी का काम लगातार निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहे जिसका परिणाम है कि उन्हें राज्यसभा के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है। श्री सिंह विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के भी दावेदार थे। वर्तमान में वे मानस संघ रामवन के अध्यक्ष हैं।
प्रदेश में तीन सीट हो रहीं रिक्त,18 को मतदान
राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। इसी दिन रिजल्ट आने की भी संभावना है। इनमें प्रदेश की तीन सीटें भी शामिल हैं जिनके लिए मतदान होगा। बीजेपी के कब्जे वाली दो सीटों पर अभी केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सांसद हैं। वहीं, कांग्रेस की एक सीट पर दिग्विजय सिंह दूसरी बार के सांसद हैं। बीजेपी की तरफ से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान अगले दो से तीन दिन में होने की पूरी संभावना है। पार्टी से राज्यसभा जाने की रेस में आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं के नाम अब तक सामने आ चुके हैं।
राज्यसभा के उम्मीदवारों को लेकर शीर्ष केन्द्रीय नेतृत्व सामूहिक रूप से फैसला लेगा। कार्य के मूल्यांकन के आधार पर राज्यसभा की टिकट तय की जाएगी। पार्टी में निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्व देते हुए सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास होगा। अगले कुछ दिनों में राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएंगे।
कांतिदेव सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा


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