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12 साल से अटका रेलवे माल गोदाम का मामला: सतना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बना सबसे बड़ा नासूर

सतना का रेलवे माल गोदाम बीते एक दशक से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बना हुआ है। भारी ट्रकों की आवाजाही से स्टेशन रोड अराजकता का शिकार है। 12 वर्षों से शिफ्टिंग की बातें हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारी और जनता दोनों परेशान हैं।

By: Yogesh Patel

Aug 06, 20257:37 PM

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12 साल से अटका रेलवे माल गोदाम का मामला: सतना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बना सबसे बड़ा नासूर

हाइलाइट्स 

  • 12 साल से अटका है रेलवे माल गोदाम का शिफ्टिंग प्रोजेक्ट, अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनी
  • भारी ट्रकों के कारण स्टेशन रोड पर रोज लगता है जाम, हादसे आम बात
  • व्यापारिक संगठन व जनता ने की तत्काल शिफ्टिंग की मांग, रेलवे अब भी मौन

सतना, स्टार समाचार वेब

रेलवे माल गोदाम की शिफ्टिंग का मामला अब शहर की यातायात व्ययवस्था के लिए नासूर बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि रेल माल गोदाम की शिफ्टिंग का राग बीते 12 सालों से अलापा जा रहा है लेकिन इसके शिफ्टिंग की रूपरेखा अब तक तैयार नहीं हो सकी है। नतीजतन रेल माल गोदाम आने वाले भारी वाहन न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं बल्कि इससे शहर की सड़कों में जाम का झाम भी बना रहता है। 

रेल माल गोदाम आने वाले वाहनों को छूट 

यूं तो  सुबह सात बजे से लेकर रात दस बजे तक सतना शहर  में ट्रकों की आवाजाही प्रतिबंधित है, लेकिन जब तक रेलवे  का माल गोदाम शिफ्ट नहीं होता तब तह यह प्रतिबंध बेअसर  है। कारण कि रैक लगने पर कई ट्रक परमिट लेकर स्टेशन रोड की भीड़ भरी सड़क में घुसने की अनुमति हासिल कर लेते हैं जिससे जाम तो लगता ही है साथ ही हादसों की संभावना भी बनी रहती है। विंध्य चेंबर आफ कामर्स की मौजूदगा कार्यकारिणी ने भले ही चुप्पी साध रखी हो लेकिन पूर्व में चेंबर कई मर्तबा मांग उठा चुका है और उच्च रेल अधिकारियों से मिलकर माल गोदाम शिफ्टिंग की मांग भी कर चुका है।  वर्ष 2023 के दिसंबर माह में तो  व्यापारियों की संस्था ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर  माल गोदाम को शिफ्ट करने की रणनीति पर चर्चा भी की थी लेकिन रेलवे अब तक इसे शिफ्ट करने की योजना को मूर्तरूप नहीं दे सका है। 

इसलिए शिफ्टिंग जरूरी

रेलवे माल गोदाम खाद परिवहन व सरकारी खाद्यान्न परिवहन का सबसे बड़ा गढ़ है। बताया जाता है कि खाद व खाद्यान्न की रैक जब लगती है तो भारी तादाद में ट्रकों का आवागमन स्टेशन रोड पर शुरू हो जाता है। मसलन सोमवार को ही खाद की रैक आई तो ट्रकों का तांता लग गया। ऐसा ही खाद लदा ट्रक दोपहर तकरीबन साढ़े 12 बजे ओवरब्रिज पर तकनीकी त्रुटि आने पर खड़ाहो गया जिससे जाम की स्थिति निर्मित हो गई। ऐसे नजारे आए दिन देखने को मिलते हैं कि जब रेल माल गोदाम से माल लोड कर आने वाले ट्रकों के पहिए थम जाते हैं। स्टेशन की ओर जाने वाली  रेल माल गोदाम के सामने वाली सड़क तो  ट्रकों की भीड़ के कारण अराजक हो जाती है और जाम लगने लगता है। पूर्व में रेल माल गोदाम आने वाले ट्रकों के कारण दुर्घटनाएं भी घट चुकी हैं बावजूद इसके रेल माल गोदाम शिफ्टिंग का मामला फाइल से नहीं निकल पा रहा है। 

देखिए विंध्य चेंबर आफ कामर्स लगातार इसकी मांग उठाता रहा है। आश्वासन मिला है कि जल्द टेंडर करा माल गोदाम की शिफ्टिंग की जाएगी। निश्चित तौर पर रेल माल गोदाम की शिफ्टिंग बेहद आवश्यक है। 

सतीश सुखेजा, अध्यक्ष, विंध्य चेंबर आफ कामर्स

रेल माल गोदाम के कारण कई हादसे हो चुके हैं। इससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आश्वासन तो हर बार मिलता है लेकिन धरातल पर अब तक काम नहीं हुआ है। इसकी शिफ्टिंग शहर के सुगम यातायात के लिए बेहद जरूरी है। 

द्वारिका गुप्ता, पूर्व चेंबर अध्यक्ष

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