सतना जिला अस्पताल में देर रात बिजली गुल होने से मरीज और परिजन उमस व अंधेरे से परेशान रहे। लगातार तीसरी बिजली बाधित होने की घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल उठे।
उमरिया जिले के पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। गंभीर चोट या घाव के बाद मरीजों को इलाज से वंचित कर बाहर मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीएमओ का लापरवाह बयान स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करता है। ग्रामीणों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और तुरंत दवा उपलब्ध कराने की मांग की।
सतना जिले के नागौद सिविल अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर सीएमएचओ ने औचक निरीक्षण के बाद नई गाइडलाइन जारी की। स्टाफ की बायोमेट्रिक उपस्थिति, लेबर रूम में सीसीटीवी, ओपीडी समय पालन, साफ-सफाई और अल्ट्रासोनोग्राफी प्रोटोकॉल सहित 8 बिंदुओं पर बीएमओ को कड़े निर्देश दिए गए।
सतना जिला अस्पताल में शाम की ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे, मरीज दर्द से कराहते रहे। बरसात में बढ़ती बीमारियों के बीच लापरवाही से जनस्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
रीवा का संजय गांधी अस्पताल गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार है। मरीजों की चीखें, परिजनों की गुहार और डॉक्टरों की बेरुखी मिलकर बनाते हैं दर्द की दास्तान। रात में इलाज के बजाय डॉक्टर निजी क्लिनिक में व्यस्त, अस्पताल प्रशासन लाचार।

















