सतना जिला अस्पताल में देर रात बिजली गुल होने से मरीज और परिजन उमस व अंधेरे से परेशान रहे। लगातार तीसरी बिजली बाधित होने की घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और आपातकालीन तैयारियों पर गंभीर सवाल उठे।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल में रविवार देर रात अचानक बिजली गुल हो जाने से पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। अचानक बिजली जाने से भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान भर्ती मरीजों और परिजनों द्वारा अस्पताल के स्टाफ से शिकायत भी की गई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हालांकि प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा द्वारा सभी वार्डों को सोलर पैनल से जोड़ने की सिफारिश सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह से की गई है।
हाथ पंखे से हवा लेते नजर आए मरीज
बताया गया कि घटना रविवार-सोमवार की रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। जब पूरे अस्पताल परिसर में अंधेरा छा गया। बिजली बंद होते ही वार्डों में उमस भरी गर्मी बढ़ गई, जिससे मरीज बेचैन हो उठे। कई जगहों पर पंखे और कूलर बंद हो जाने से हालात और खराब हो गए। इस दौरान मरीज हाथ पंखे से हवा लेते नजर आए। प्रबंधन से नाराज परिजनों द्वारा वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल भी किया गया। अंधेरे के कारण मरीजों की देखरेख और उपचार कार्य भी प्रभावित हुआ। कुछ परिजनों ने मोबाइल की रोशनी और टॉर्च के सहारे स्थिति संभालने की कोशिश की। अस्पताल सहायक प्रबंधक डॉ. वर्मा ने बताया कि बिजली बंद की शिकायतों को संज्ञान में लिया गया है। सभी वार्डों को सोलर पैनल से जोड़कर बिजली आपूर्ति की सिफारिश सिविल सर्जन से की गई है। जल्द ही यह कार्य शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभी कई महत्वपूर्ण वार्डों को सोलर से जोड़ा गया है।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर आपातकालीन स्थिति में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव को लेकर। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह में डियर रात घंटों भर बिजली बंद रहना बड़ी बात है। यह सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम है। देर रात अगर चोरी या कोई बड़ा घटनाक्रम हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। अभी हाल ही में जिला अस्पता परिसर में कई घटनाएं वार्ड के भीतर ही घटित हो चुकी हैं जिन्होंने अस्पताल की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
तीन बड़े घटनाक्रम के बाद भी सुधार नहीं
इस भीषण गर्मी में एक सप्ताह में बिजली बंद होने का यह तीसरा बड़ा घटना क्रम है जब मरीजों और परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी हो। बताया गया कि 29 जून को पीक समय में ओपीडी एवं अन्य वार्डों की बिजली बंद हुई थी जिसके चलते सभी कम्प्यूटर बंद हो गए थे। इस दौरान ओपीडी पंजीयन कराने वाले लोग गर्मी में परेशान हुए थे। उसी शाम को फिर फाल्ट के कारण 40 मिनट बिजली बंद हुई थी। इसके बाद 6 जुलाई को दोपहर में एक घंटे बिजली बंद होने का घटनाक्रम सामने आया था। सूत्रों की माने तो आपातकालीन में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए जनरेटर की सेवाएं भी इस समय समाप्त है, इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।

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