सतना जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच बंद पंखे, पेयजल संकट और लंबी कतारों ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दस दिनों में दस हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जबकि सुविधाएं अपर्याप्त बनी हुई हैं।
सतना जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए अब आभा आईडी अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम से गंभीर मरीजों और परिजनों को लंबी लाइन, तकनीकी दिक्कतों व देरी की समस्या झेलनी पड़ेगी।
जिला अस्पताल सहित मैहर और अमरपाटन सिविल अस्पताल में आभा आईडी पंजीयन को लेकर मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। डायरेक्ट्रेट के निर्देश अनुसार पैथोलॉजिकल जांच अब आभा आईडी से ही की जा रही है। केवल आपात स्थिति में ही बिना आभा आईडी जांच की अनुमति दी जा रही है। दो दिनों में कुल 1139 मरीजों ने पंजीयन कराया।
सतना जिला अस्पताल में वायरल अटैक और आभा आईडी अनिवार्यता के चलते ओपीडी, पैथोलॉजी और दवा काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली। मरीजों को गर्मी-उमस में घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ा। बच्चों में वायरल फीवर और भर्ती की स्थिति बढ़ रही है।
















