सतना जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच बंद पंखे, पेयजल संकट और लंबी कतारों ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दस दिनों में दस हजार से अधिक मरीज पहुंचे, जबकि सुविधाएं अपर्याप्त बनी हुई हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की एक और चिंतनीय तस्वीर सामने आई जहां नवीन ओपीडी वार्ड में पंखे बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तापमान बढ़ने के साथ हालात और भी गंभीर हो गए हैं। बुधवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब नवीन ओपीडी में मरीजों का भीषण गर्मी में पसीने से बुरा हाल था। बच्चे और बुजुर्ग पसीना पोंछते नजर आए। यहां लगे कई सीलिंग फैन बंद थे। कई मरीज पानी के लिए भी परेशान नजर आए।
बताया गया कि जिला अस्पताल में टीकाकरण कक्ष के पास लगे वाटर कूलर तक लोगों को प्यास बुझाने जाना पड़ता है। जिला अस्पताल पहुंचे मरीज और परिजनों को कदम-कदम पर अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। मरीजों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में पानी के भी समुचित इंतजाम नहीं किए हैं, लोगों का गर्मी में गला सूख रहा है, पानी पीने के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है। अस्पताल के वार्डों में मरीजों के लिए भी पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं।
दस दिन में दस हजार मरीज
गर्मी और उमस के चलते एक बार फिर बीमारियों का ग्राफ बढ़ गया है, सर्दी, जुकाम, पेट दर्द और वायरल के मरीज इलाज के लिए बहुतायत में पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ के बीच इलाज कराना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। हर काउंटर पर मरीजों को लम्बे समय तक इंतजार में खड़ा होना पड़ रहा है। प्रबंधन से मिले आंकड़ों के मुताबिक बीते दस दिन में दस हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज किया गया। बुधवार को शाम तक 1200 लोगों ने ओपीडी में इलाज करवाया जबकि 170 मरीजों को अति आवश्यक इलाज के लिए वार्डों में भर्ती किया गया।
चिकित्सकों के लिए भी पानी की सुविधा नहीं
बताया गया कि गर्मी में चिकत्सकों के लिए कूलर की व्यवस्था तो उपलब्ध करा दी गई है लेकिन पानी की तरफ कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। चिकित्सकों को भी पानी खरीद के पीना पड़ रहा है। बुधवार की दोपहर कई चिकित्सकों द्वारा बाजार से ठन्डे पानी की बोतल मंगाई गई, पूछने पर चिकित्सकों ने बताया कि आरो का वाटर अस्पताल परिसर में आता है लेकिन यहां चिकित्सकों के लिए नहीं भिजवाया जाता, जिसके चलते पानी की बॉटल खरीद कर पीना पड़ता है।
इधर आभा आईडी के लिए लगी भीड़ बैठने तक की व्यवस्था नहीं
ओपीडी पर्ची के बाद लोगों के लिए आफत बनी आभा आईडी काउंटर में मारामारी देखने को मिलती है। भीषण उमस वाली गर्मी में मरीज के परिजन घंटो भर लाइन में धुप में खड़े रहने को मजबूर होते हैं। यहां न तो बैठने की व्यवस्था की गई है और न ही पानी की। आभा आईडी बनने के बाद लोगों को ब्लड सैंपल निकलवाने के लिए भी लाइन में लगना पड़ता है। इधर सीटी स्कैन में भी अब आभा आईडी का रोल शुरू कर दिया गया है। मरीजों की आभा आईडी बनने के बाद ही स्कैन किया जा रहा है जिसमे कई घंटे का समय लग रहा है। यहां पर भी मरीजों एवं परिजनों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
ये हैं आंकड़े
दिनांक ओपीडी भर्ती
1 जून 1675 225
2 जून 1429 195
3 जून 1379 199
4 जून 1305 187
5 जून 1341 191
6 जून 1213 201
7 जून 317 120
8 जून 1754 200
9 जून 1459 193
10 जून 1211 170

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