सतना जिला अस्पताल में निजी एम्बुलेंस दलालों को मरीज ले जाने से रोकने पर सुपरवाइजर और गार्डों से विवाद हुआ। प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर सुरक्षा की मांग की।
जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई महज दो दिन में बेअसर दिखी। ठेले, गुमटियां और अवैध पार्किंग फिर लौट आईं, जबकि एम्बुलेंसों के लिए बनाई गई नई व्यवस्था भी धरातल पर नहीं उतरी।
सतना जिला अस्पताल में रात होते ही एम्बुलेंस दलाल सक्रिय हो जाते हैं। मरीजों को डराकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का खेल चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।















