सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में निलंबित उपयंत्री ने पंचायती राज व्यवस्था में कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जबकि सबूत अदालत में पेश करने का दावा किया गया।
सतना जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और संसाधनों की कमी स्वीकार की गई। 150 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी के कारण मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। राज्य के 42 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जानिए पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड, बारिश का घाटा और प्रमुख शहरों के तापमान की ताजा स्थिति।
भारतीय नौसेना में तीन स्वदेशी युद्धपोतों INS दूनागिरी, संशोधक और अग्रय को शामिल किया गया। जानें इनकी मारक क्षमता, तकनीकी खूबियां और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में इनका महत्व।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुल्क लेने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और स्ट्रेचर तक परिजनों से चलवाने जैसी व्यवस्थागत खामियां सवाल खड़े कर रही हैं।
देर रात तक जागना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें कैसे यह आदत मोटापे, हृदय रोग, मानसिक तनाव और कमजोर इम्यूनिटी का कारण बनती है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए आज ही अपनी आदत बदलें।
रीवा में कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच डॉक्टरों की भारी कमी, केवल एक विशेषज्ञ पर इलाज निर्भर, 31 करोड़ की मशीनें आने के बावजूद सुविधाएं अधूरी, मरीजों को बाहर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
सतना में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में कमी पर राज्य स्तर की फटकार, आशा संवाद कार्यक्रम में भागीदारी कम, नवजात देखभाल कौशल कमजोर, रिफ्रेशर प्रशिक्षण के निर्देश, ड्रेस कोड पालन न होने पर भी नाराजगी
सतना जिला अस्पताल में 400 बिस्तरों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। नर्सिंग स्टाफ की कमी, छुट्टियां और उच्च शिक्षा के लिए अवकाश से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है।






















