मध्यप्रदेश कांग्रेस में कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। गुटों में बंटे नेता एक दूसरे के लिखाफ मौका पाते ही मोर्चा खोलने से नहीं चूक रहे हैं। अब प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर सुर्खियां बटोर रहा है।
सतना में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा की नियुक्ति के बाद पार्टी गुटबाजी और पोस्टर पॉलिटिक्स में उलझ गई है। स्वागत पोस्टरों से कद्दावर कांग्रेसी नेता अजय सिंह राहुल की तस्वीर गायब होने पर नाराजगी बढ़ी। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह कदम पार्टी को और अधिक बिखराव की ओर ले जा रहा है।
सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष का दायित्व मिलने पर कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। वे कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करेंगे ताकि चुनाव परिणाम पार्टी के पक्ष में आएं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित जिला अध्यक्षों की सूची जारी होते ही पार्टी के भीतर घमासान और गुटबाजी तेज हो गई है। कई जिलों में नवनियुक्त अध्यक्षों को लेकर विरोध और नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। दरअसल, शनिवार को कांग्रेस जिला अध्यक्षों की सूची जारी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में 'एमडी मैडम' की सख्ती ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। अधूरी रिपोर्टिंग, ढीली कार्यशैली और प्राइवेट राजनीति को लेकर तीखी फटकार लगी। सतना से लेकर सांसद की ड्योढ़ी तक हड़कंप मचा। सालभर से सुस्त पड़े अस्पताल में अचानक सफाई अभियान और रजिस्टर भराई शुरू हो गई। पढ़िए बृजेश पाण्डेय की विशेष रिपोर्ट।

















