सिंगरौली के अमिलिया-गड़ाखाड़ मार्ग पर भारी कोल वाहनों की आवाजाही से सड़क जर्जर हो गई है। बारिश में गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, जबकि ग्रामीण तत्काल मरम्मत और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
सतना-सेमरिया मार्ग के निर्माण के लिए 87.50 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ। जर्जर सड़क, गड्ढों और रखरखाव की कमी से ग्रामीणों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहडोल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में सीवरेज निर्माण एजेंसी की लापरवाही से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अधूरे कार्य और निर्माण रोकने की मनमानी से आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सतना जिला पंचायत की सामान्य सभा में सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया। पीएमजीएसवाई के महाप्रबंधक पर जर्जर सड़कों और अधूरे कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, साथ ही शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पन्ना जिले के करिया से पलोही तक बनी 4.20 किमी सड़क की मरम्मत पर 80 लाख खर्च होने थे, लेकिन अब तक सिर्फ बोर्ड की पुताई हुई। ग्रामीणों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

















