सतना जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और संसाधनों की कमी स्वीकार की गई। 150 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी के कारण मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे क्यों मनाया जाता है? डॉ. बिधान चंद्र रॉय के जीवन और डॉक्टरों के सम्मान में समर्पित इस विशेष दिन के इतिहास और महत्व को विस्तार से जानें।
दमोह के चर्चित संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भोपाल से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर थार, स्कॉर्पियो समेत 45 लाख का माल बरामद किया गया है। पूरी खबर पढ़ें।
रीवा में कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच डॉक्टरों की भारी कमी, केवल एक विशेषज्ञ पर इलाज निर्भर, 31 करोड़ की मशीनें आने के बावजूद सुविधाएं अधूरी, मरीजों को बाहर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों के दुर्व्यवहार मामले में आरटीआई कार्यकर्ता कोर्ट पहुंचे, नौ चिकित्सकों को नोटिस, तीन हाजिर, अन्य ने वकील के जरिए जवाब दिया, जांच पर भी सवाल
सतना के उचेहरा अस्पताल में भर्ती मरीज ने शराब पीते समय डॉक्टर के रोकने पर कट्टे से फायरिंग कर दी। घटना से अफरा-तफरी मच गई, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सिंगरौली जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और अनुपस्थिति से मरीज परेशान, आरोप है कि सरकारी डॉक्टर निजी क्लीनिकों में व्यस्त, इलाज न मिलने से नाराजगी बढ़ी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे
सतना की स्वास्थ्य सेवाओं ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। हर माह लाखों मरीजों का इलाज हो रहा है, लेकिन चिकित्सकों की कमी, समन्वय की समस्या और बढ़ते तनाव जैसी चुनौतियां अब भी बरकरार हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की मांग स्वीकार करते हुए स्टाइपेंड में वृद्धि का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। 1 अप्रैल 2025 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) को आधार बनाया गया है। जानें पीजी छात्र, इंटर्न और सीनियर रेजिडेंट्स की नई सैलरी डिटेल्स।






















