20 नवंबर 2025, गुरुवार को मार्गशीर्ष (अगहन) अमावस्या है। जानें इस शुभ और महत्वपूर्ण दिन का विस्तृत पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और पितृ तर्पण का शुभ समय।
पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं, वह 16 दिवसीय अवधि है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करते हैं। इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करके पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
हिंदू धर्म में तेरहवीं (मृत्युभोज) एक पवित्र कर्म है, पर ज्योतिषियों के अनुसार कुछ लोगों को इससे बचना चाहिए। जानें क्यों गर्भवती महिलाएं, तपस्वी और बीमार व्यक्ति मृत्युभोज में शामिल न हों। इसका पालन पितरों की शांति और अपनी पवित्रता के लिए क्यों जरूरी है, जानें।















