रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में पीजी काउंसलिंग शुरू होने से पहले प्रवेश और स्क्रूटनी कमेटी की गठन सूची विवादों में आ गई है। कॉलेज में पर्याप्त प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर होने के बावजूद एक डिमॉन्स्ट्रेटर को नियमों के विपरीत लगातार कमेटी में जगह दी गई है। डॉक्टरों की आपत्तियों के बावजूद नाम में बदलाव नहीं हुआ, जिससे पारदर्शिता और शासन के दिशा-निर्देशों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की। अब सभी सरकारी शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जानें कोर्ट के फैसले का कारण।
सतना जिले की नगर पंचायत नागौद में पार्षदों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। इंजीनियर और सब इंजीनियर की मनमानी कार्यशैली के विरोध में पीआईसी के सभी सदस्यों समेत 7 पार्षदों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा है।
भोपाल में 7 राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया। उनका एकमत संदेश: 'अब सिर्फ बातों पर नहीं, अमल करने की सख्त जरूरत।' जानें पारदर्शिता, जवाबदेही और समितियों के क्रियान्वयन पर हुए अहम विचार-विमर्श।
















